Trumpistan Vs Pakistan: पाकिस्तानी नागरिकों की अमेरिका में 'NO ENTRY'!

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (13 जनवरी): डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति पद की गद्दी क्या संभाली पाकिस्तान की रातों की नींद और दिन का चैन उड़ गया है... पाकिस्तान को जिस बात का डर सता रहा था वो सामने आ ही गया... अमेरिका ने पाकिस्तान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है... अमेरिका ने पाकिस्तानी सांसद के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है... अमेरिका ने पाकिस्तानी संसद के उपाध्यक्ष मौलाना अब्दुल गफूर हैदरी को वीजा देने से इनकार कर दिया है... मौलाना हैदरी पाकिस्तान के बड़े नेता हैं और जमायत उलेमा इस्लाम जैसी बड़ी पार्टी के महासचिव हैं... अमेरिका ने ना सिर्फ उनकी सरकारी यात्रा का वीजा कैंसिल किया है बल्कि अनिश्चित काल के लिए लंबित भी कर दिया है... गौरतलब है कि पाकिस्तानी नागरिकों की अमेरिका में एंट्री पर रोक से संबंधित खबर पर व्हाइट हाउस ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा था कि जल्द ही अमेरिकी सरकार पाक नागरिकों की एंट्री पर रोक लगा सकती है... इसकी वजह पाकिस्तान में बढ़ता आतंकवाद और उसकी दुनियाभर में बनी नकरात्‍मक छवि को बताया गया... जानिए, आखिरकार क्यों पाकिस्तान पर इतनी सख्ती बरत रहा है अमेरिका-

मौलाना हैदरी की यूएस एंट्री पर क्यों लगा बैन...

    *पाकिस्तानी सीनेट के उपाध्यक्ष मौलाना अब्दुल गफूर हैदरी को यूएन मुख्यालय जाना था।

    *मुख्यालय में 13-14 फरवरी को आयोजित अंतर संसदीय संघ की बैठक में शामिल होना था।

    *अमेरिका ने वीजा देने से मना कर दिया और इसकी वजह तकनीकी बताई।

    *साथ ही इस मामले को अनिश्चित काल के लिए लंबित रख दिया।

    *अमेरिकी जानकारों का कहना है कि यूएस ने यह कदम जानबूझकर उठाया है।

    *मौलाना हैदरी कट्टरपंथी संगठन जमायत उलेमा इस्लाम JUI-F से ताल्लुक रखते हैं।

    *जमायत उलेमा इस्लाम अमेरिका विरोधी रुख के लिए जाना जाता है।

    *पाकिस्तानी सीनेट के उपाध्यक्ष को वीजा ना देने से पाकिस्तान भड़का हुआ है।

    *पाकिस्तानी जनप्रतिनिधियों ने अमेरिका के बॉयकॉट करने की धमकी दी है।

    *पाक सीनेट के अध्यक्ष रजा रब्बानी ने इस मुद्दे में नोटिस जारी किया।

    *उनके कहने पर पाक डेलिगेशन ने न्यूयॉर्क की अपनी विजिट कैंसल कर दी गई।

    *साथ ही रब्बानी ने सेक्रेटेरियट को निर्देश दिया है कि कोई अमेरिकी का खातिरदारी न करे।

    *मामला हल होने तक किसी भी डेलिगेशन के डिप्लोमट का वेलकम नहीं किया जाएगा।

पाकिस्तान पर अमेरिका क्यों है इतना सख्त...

    *यह पहला ऐसा मौका है जब पाकिस्तान को अमेरिका ने सुनाई खरी-खरी।

    *अमेरिका ने सार्वजनिक तौर पर पाकिस्तान पर बैन लगाने की बात कही है।

    *पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने वाले लोगों की होगी कड़ी निगरानी।

    *राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रेसिडेंशियल कैम्पेन के दौरान पाक को खतरनाक मुल्क बताया था।

    *ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्तान ने 9/11 के बाद अमेरिका को कई बार धोखा दिया है।

    *ट्रंप ने कहा था कि राष्ट्रपति बनने के बाद पाकिस्तान को हर गलती के लिए सजा देंगे।

    *इससे अनुमान पहले ही लगाया गया था कि वे पाक के मामले में कड़ा फैसला कर सकते हैं।

    *अमेरिकी साप्ताहिक समाचार पत्रिका 'न्यूजवीक'के मुताबिक भारत के पक्ष में मजबूती से खड़े हैं ट्रंप।

    *डोनाल्ड ट्रंप ने कैम्पेन में मोदी को महान शख्सियत और खुदको हिंदुओं का फैन बताया था।

    *डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी की तरह नारा भी दिया था अबकी बार ट्रम्प सरकार।

अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में पहले से ही बढ़ चुकी है तल्खी....

    *अमेरिका 2011 से पाक को 350 करोड़ डॉलर की सालाना मदद दे रहा था।

    *पांच साल में यह मदद 70% तक घट गई।

    *2007 के बाद मदद कम करने का यह पहला मौका होगा।

    *अमेरिका का कहना है कि पाकिस्तान तालिबान को सपोर्ट कर रहा है।

    *जिसके चलते अमेरिकी और नाटो फौजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    *अमेरिका के मदद की रकम करने से पाक अफसरों में खलबली मच गई है।

    *हकीकत में पाक इस पैसों का इस्तेमाल तालिबान के खिलाफ नहीं करता।

    *बल्कि पैसों का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों में करता रहा है।

ट्रंप-नवाज की बातचीत को लेकर पाकिस्तान बोल चुका है झूठ...

    *कुछ दिन पहले शरीफ के कार्यालय ने ट्रंप के साथ बातचीत का एक वक्तव्य जारी किया था।

    *जिसमें कहा गया कि डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को एक ‘अद्भुत’ देश करार दिया है।

    *वक्तव्य के मुताबिक ट्रंप ने शरीफ से कहा कि उनकी बहुत अच्छी छवि है।

    *यही नहीं वक्तव्य में लिखा गया कि शरीफ एक शानदार इंसान हैं।

    *आप अद्भुत काम कर रहे हैं मैं जल्द ही आपसे मिलने की आशा कर रहा हूं।

    *लेकिन यह सब झूठ है 'सफेद झूठ', यह राष्ट्रपति ट्रंप की मीडिया टीम ने साफ कहा।

    *पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के साथ उनकी बातचीत जरूर हुई लेकिन पाक ने मतलब गलत निकाला।

    *पाकिस्तान ने बातचीत को मिर्च-मसाला लगाकर दुनिया के सामने पेश किया है।