डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली ( 14 फरवरी ): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने रूस के साथ संबंधों के आरोपों के मद्देनज अपने पद से इस्तीफा दिया है। आरोप है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण से पहले फ्लिन ने रूस के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों पर रूसी राजदूत के साथ चर्चा की थी। फ्लिन ने अमेरिकी न्याय विभाग की एक रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में इस्तीफा दिया है। न्याय विभाग ने पिछले महीने ट्रम्प प्रशासन को यह चेतावनी दी थी कि फ्लिन ने अमेरिका में रूसी राजदूत के साथ अपनी बातचीत पर प्रशासन अधिकारियों को भ्रमित किया है और रूसी उन्हें ब्लैकमेल कर सकते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव के दौरान ट्रम्प के शुरआती समर्थकों में शामिल फ्लिन महज तीन सप्ताह तक ही शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पद पर रहे। व्हाइट हाउस ने घोषणा की कि फ्लिन की जगह लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जोसेफ कीथ केलॉग को कार्यवाहक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया है। अमेरिकी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) फ्लिन ने अपने इस्तीफे में राष्ट्रपति ट्रम्प और उपराष्ट्रपति माइक पेंस से उनके शपथ ग्रहण से पहले रूसी राजदूत के साथ हुई अपनी बातचीत की आधी अधूरी जानकारी देने के मामले में माफी मांगी। यह पत्र व्हाइट हाउस ने मीडिया में जारी की है।

फ्लिन ने अपने इस्तीफा में लिखा, बतौर भावी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अपनी सेवा के दौरान मैंने विदेशी समकक्षों, मंत्रियों और राजदूतों के साथ कई बार फोन पर बातचीत की। ये फोन कॉल सहज सत्ता हस्तांतरण तथा राष्ट्रपति और उनके सलाहकारों तथा विदेशी नेताओं के बीच आवश्यक संबंध निर्माण शुरू करने के लिये किये गये थे। इस तरह के फोन कॉल किसी भी सत्ता हस्तांतरण के दौरान मानक परिपाटी रहे हैं।

फ्लिन ने कहा, तेजी से बदलते घटनाक्रमों के चलते दुर्भाग्य से अनजाने में मैंने निर्वाचित उपराष्ट्रपति एवं अन्य को रूसी राजदूत के साथ फोन पर हुई अपनी बातचीत के बारे में आधी अधूरी जानकारी दी। इसके लिये मैं राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति से दिल से माफी मांगता हूं और उन्होंने मेरी माफी स्वीकार भी की है। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एवं उपराष्ट्रपति पेंस के मजबूत नेतृत्व और उनकी शानदार टीम से वाकिफ हैं। यह टीम अमेरिकी इतिहास में सबसे महान राष्ट्रपतित्व काल के लिये जानी जायेगी।