अपने बड़बोले बयानों से कई बार अमेरिका को मुश्किल में डाल चुके हैं राष्ट्रपति ट्रंप

Donald Trump

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (23 जुलाई): राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़बोलेपन से वहां के नागरिक ही नहीं पूरी दुनिया वाकिफ है। ट्रंप कभी-कभी कुछ ऐसा बोल और कर देते हैं जिसकी भरपाई करना अमेरिका और वहां के विदेश मंत्रालय के लिए मुश्किल हो जाता है और उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। जो लोग भी ट्रंप के बारे में थोड़ा बहुत ही जानते हैं उन्हें उनकी तुनुक मिजाजी के बारे में पता है। पिछले दिनों इसका एक उदाहरण उस वक्त देखने को मिला जब ट्रंप ने अमेरिकी सेना को ईरान पर हमले का आदेश दे दिया, लेकिन जब उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ तो उन्हे तत्काल अपना फैसला वापस लेना पड़ा। जिसके बाद अमेरिकी सैनिकों को अपना पांव पीछे खिंचना पड़ा था। आपको बता दें कि कोरियाई शासक किम जोंग-उन से मुलाकात से पहले डोनाल्ड ट्रंप कईबार विवादित बयान दे चुके हैं, लेकिन उनकी कथनी और करनी में बड़ा फर्क देखा गया।

आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बोलते-बोलते कुछ ज्यादा बोल जाते हैं। उन्हें पता नहीं होता है कि वो क्या बोल रहे हैं क्या कह रहे हैं। इसका नजारा एकबार फिर उस वक्त देखने को मिला जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे (ट्रंप) कश्मीर मामले में मध्यस्थता करने के लिए कहा। ट्रंप यहीं नहीं रूके उन्होंने कहा कि 'मैं प्रधानमंत्री मोदी से दो हफ्ते पहले मिला था और हमने इस मुद्दे पर बात की थी। उन्होंने कहा कि आप मध्यस्थता करेंगे। मैंने कहा किस पर तो उन्होंने (मोदी) कहा कि कश्मीर। उन्होंने (मोदी) कहा कि बहुत सालों से ये विवाद चल रहा है। वो (पाकिस्तान) मुद्दों का हल चाहते हैं और आप भी इसका हल चाहते हैं। मैंने कहा कि मुझे इस मुद्दे में मध्यस्थता करके खुशी होगी।'

पाक प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात के दौरान कश्मीर पर दिए राष्ट्रपति ट्रंप के बयान पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सफाई दी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के लिए कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है और दोनों देश इस मुद्दे को बैठकर सुलझाएं। इस मसले पर अमेरिका सहयोग के लिए तैयार है। ट्रंप प्रशासन इस बात का स्वागत करेगा कि भारत पाकिस्तान बातचीत की मेज पर बैठें। इसमें अमेरिका मदद के लिए तैयार है। हालांकि, जो इमरान खान कश्मीर मसला अमेरिका के सामने उठा रहे थे, उन्हें आतंकवाद पर मुंह की खानी पड़ी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में साफ किया है कि भारत-पाकिस्तान में जो मसला है उसकी असली जड़ पाकिस्तान की ज़मीन पर पनप रहा आतंकवाद है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अपने बयान में आगे कहा है कि अमेरिका मानता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सफल बातचीत की बुनियाद अपनी सरजमीं पर आतंकवादियों के खिलाफ पाकिस्तान के निरंतर और अटल कदम पर आधारित होगी।  भारत पाकिस्तान के लिए कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है और दोनों देश इस मुद्दे को बैठकर सुलझाएं। इस मसले पर अमेरिका सहयोग के लिए तैयार है। ट्रंप प्रशासन इस बात का स्वागत करेगा कि भारत पाकिस्तान बातचीत की मेज पर बैठें। इसमें अमेरिका मदद के लिए तैयार है। हालांकि, जो इमरान खान कश्मीर मसला अमेरिका के सामने उठा रहे थे, उन्हें आतंकवाद पर मुंह की खानी पड़ी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में साफ किया है कि भारत-पाकिस्तान में जो मसला है उसकी असली जड़ पाकिस्तान की ज़मीन पर पनप रहा आतंकवाद है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अपने बयान में आगे कहा है कि अमेरिका मानता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सफल बातचीत की बुनियाद अपनी सरजमीं पर आतंकवादियों के खिलाफ पाकिस्तान के निरंतर और अटल कदम पर आधारित होगी।