हां, हम कर सकते हैं, हां, हमने किया: बराक ओबामा

नई दिल्ली ( 11 जनवरी ): अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा आज शिकागो में विदाई भाषण देते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि घर आकर अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा कि बदलाव तभी होता है जब आम आदमी इससे जुड़ता है। आम आदमी ही बदलाव लाता है। हर रोज मैंने लोगों से कुछ न कुछ सीखा। हमारे देश के निर्माताओं ने हमें अपने सपने पूरे करने के लिए आजादी दी। हमारी सरकार ने यह प्रयास किया कि सबके पास आर्थिक मौका हो। हमने यह भी प्रयास किया कि अमेरिका हर चैलेंज का सामना करने के लिए तैयार रहे।  ओबामा ने कहा कि मैंने रोज आपसे सीखा, आप लोगों ने मुझे एक अच्छा इंसान और बेहतर प्रेसिडेंट बनाया। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है आप लोगों में बदलाव लाने की क्षमता है। बराक ओबामा ने हां, हम कर सकते हैं, हां, हमने किया इस लाइन से अपनी स्पीच खत्म की।  

राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि अगर दुनिया में आजादी का दायरा सिकुड़ेगा तो हमारी अपनी आजादी खतरे में होगी। साथ उन्होंने कहा कि मैं मुस्लिम अमेरिकियों के साथ होने वाले भेदभाव को पूरी तरह से खारिज करता हूं। ओबामा ने कहा पिछले 8 सालों में कोई विदेशी आतंकवादी हमला नहीं हुआ।

ओबामा ने कहा कि राजनीति विचारों की लड़ाई है। हमारे लोकतंत्र की यही खूबी है।ओबामा ने कहा कि अमेरिका के लोगों को आप्रवासियों के बच्चों का भी ख्याल रखना चाहिए।