चीन को घेरने के लिए साउथ चाइना सी में जंगी जहाज उतारेगा अमेरिका

नई दिल्ली ( 2 सितंबर ): साउथ चाइन सी में चीन को चुनौती देने के लिए अमेरिका के युद्धपोत और लड़ाकू विमान अब दक्षिण चीन सागर में नियमित गश्त करेंगे। यह गश्त हर दो से तीन महीने में की जाएगी। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन इसके लिए विस्तृत रूपरेखा तैयार कर रहा है। अमेरिका ऐसा इस व्यस्त मार्ग में यात्रा की सुगमता बनाए रखने के लिए करेगा। चीन का दावा है कि पूरे दक्षिण चीन सागर पर उसका अधिकार है। वहां से गुजरने के लिए उसकी अनुमति आवश्यक होनी चाहिए।

अमेरिकी अखबार के मुताबिक पेंटागन दक्षिण चीन सागर में दो या तीन महीने में गश्त की नियमित व्यवस्था बना रहा है। गश्त का यह कार्यक्रम सार्वजनिक होगा और उसकी नजदीकी देशों को भी जानकारी होगी। गश्त का संचालन अमेरिकी सेना की प्रशांत क्षेत्र की कमान करेगी। यह गश्त यह दर्शाने के लिए होगी कि दक्षिण चीन सागर सार्वजनिक क्षेत्र है और इससे होकर गुजरने का सभी को समान हक है।

ट्रंप प्रशासन का गश्त का यह निर्णय अपने पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन के रुख से एक कदम आगे का है। पूर्व में अमेरिकी युद्धपोत और बमवर्षक यदा-कदा ही दक्षिण चीन सागर में जाते थे। कई बार उनके जाने पर चीन ने विरोध भी जताया था। 

गौरतलब है कि चीन ने दक्षिण चीन सागर को अपना अधिकार क्षेत्र बताते हुए वहां कृत्रिम द्वीप भी बना लिये हैं। उन द्वीपों पर हवाई पट्टी बनाकर हथियारों की तैनाती भी कर दी है। दक्षिण चीन सागर पर वियतनाम, फिलीपींस, ताइवान, ब्रूनेई आदि भी अपना दावा जताते हैं।