...तो क्या अब लादेन की तरह मारा जाएगा सनकी तानाशाह किम ?

नई दिल्ली (28 सितंबर): उत्तर कोरिया का सनकी तानाशाह किम जोंग दुनिया के लिए खतरा बन गया है। किम जोंग जिस तरह से दुनिया की परवाह किए बिना एक के बाद एक परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहा है उससे साफ है कि आने वाले दिनों में उसकी मुश्किलें बढ़ने वाली है।

किम जोंग की इन हरकतों की वजह से दक्षिण कोरिया, जापान, अमेरिका समेत दुनिया भर के देश परेशान है। कई मौकों पर संयुक्त राष्ट्र संघ भी किम की इन हरकतों की आलोचना कर चुका है। संयुक्त राष्ट्र संघ पहले ही उत्तर कोरिया पर कई तरह से प्रतिबंध लगा चुका है। वहीं किम संयुक्त राष्ट्र के तमाम प्रतिबंधों के बावजूद  परमाणु हथियार कार्यक्रम को पूरा करने को अपनी बड़ी उपलब्धि मानता है।

किम जोंग अमेरिका को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता है। किम जोंग कई बार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तक को चुनौती दे चुका है। वहीं कई मौके पर सार्वजनिक तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग को सबक सिखाने की बात कह चुके हैं। इन सबके बीच मीडिया में आ रही खबरों के मुताबित डोनाल्ड ट्रंप ने अपने नेवी सील कमांडो को किम जोंग को मारने की सुपाड़ी दी है। दक्षिण कोरियाई न्यूज़पेपर जूंगआंग डेली के मुताबिक नेवी सील कमांडोज़ की एक टीम इस खास मिशन को अंजाम देने के लिए उत्तर कोरिया से सटे सरहदी इलके में ड्रिल ऑपरेशन करने में जुटी है।

बताया जा रहा है कि US के नेवी सील कमांडो ने जैसे ओसाम बिन लादेन को मारा , जिस तरह सद्दाम पर बंदूक तानी गई, गद्दाफी को घुटनों पर लाया गया, सोमालिया के समुद्री डाकुओं से बंधकों को छुड़ाया गया किम जोंग के खिलाफ उसी तरह से मिशान को अंजाम देने की तैयारी में जुटे हैं। उत्तर कोरियाई अखबार जूंगआंग डेली की खबर के अंदेशे को सच माना है और इस सिलसिल में किम जोंग को आगाह भी किया है। इस रिपोर्ट के बाद किम जोंग की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। किम जोंग उन की जान को पैदा हुए खतरे को देखते हुए अपने जाजूसों को यूएस नेवी सील के इस ऑपरेशन के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी जुटाने का आदेश दिया है। साथ ही इससे बचने के तौर-तरीकों के बारे में भी पता करने शुरू कर दिया है। साथ ही किम जोंग ने पहले के मुकाबले बाहर भी निकलना कम कर दिया है।

उधर किम जोंग अमेरिका को अपने ऊपर सैन्य कार्रवाई करने के लिए हर संभव उकसाने में जुटा है। किम जोंग चाहता है कि अमेरिका उसके ऊपर आक्रमण करे ताकि उसे दक्षिण कोरिया और जापान पर हमला करने का मौका मिल जाए। वहीं चीन-रूस समेत कई देश उत्तर कोरिया के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ है। वहीं अमेरिका के लिए उत्तर कोरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में सबसे मुश्किल ये है कि कहीं सनकी तानाशाह किम जोंग जवाबी कार्रवाई के तहत परमाणु हमला न कर दे।