पहचान के लिए जोड़नी पड़ी थी ओसामा के खोपड़ी- अमेरिकी SEAL कामांडो

वाशिंगटन (1 मई): दुनिया के सबसे खुंखार आतंकी और अलकायद चीफ ओसामा बिन लादेने की मौत के 6 साल बाद एकबार फिर बड़ा खुलासा हुआ है। ये खुलासा अमेरिकी नौसेना की SEAL कामांडो के एक सदस्य और  2 मई 2011 की रात के इस ऑपरेशन में शामिल रॉबर्ट ओनील की किताब 'द ऑपरेटर: फायरिंग द शॉट्स दैट किल्ड बिन लादेन' से हुआ है।


अमेरिकी नेवी SEAL टीम के शूटर रॉबर्ट ओनील का दावा है कि उसने अकेले 9/11 आतंकी हमले के मास्टरमाइंड ओसामा को 3 गोलियां मारी थीं। ओनील ने अपनी किताब में दावा किया है कि उनकी गोलियों से ओसामा की सिर बुरी तरह नष्ट हो चुका था। फोटो खींचने के लिए उसके सिर के टुकड़े वापस एक साथ लगाने पड़े थे। ओनील के मुताबिक हमले में अल-कायदा के चीफ ओसामा की खोपड़ी इस कदर क्षतविक्षत हो गई थी कि उसके टुकड़े वापस एकसाथ रखने पड़े थे ताकि ओसामा की पहचान की पुष्टि की जा सके।


हालांकि 2 मई 2011 की रात के ओनील के संस्मरण पर विवाद शुरू हो चुका है। ओनील पर आरोप है कि उसनेस्पेशल ऑपरेशन के नियमों को तोड़ कर ऑपरेशन की जानकारी सार्वजनिक की है।


रॉबर्ट ओनील की किताब इसी ऑपरेशन पर आधारित SEAL के ही एक और सदस्य मार्क बिसनेट की किताब 'नो ईजी डे' के 5 साल बाद आई है। इस किताब को पब्लिकेशन के लिए ओनील 68 लाख डॉलर (करीब 44 करोड़ रुपये) भरेंगे क्योंकि उन्होंने किताब में नॉन-डिस्क्लोजर डील का उल्लंघन करते हुए गोपनीय जानकारी साझा की है।