चीन के 'वन बेल्ट, वन रोड' फोरम में अमेरिका होगा शामिल

नई दिल्ली ( 13 मई ): पेइचिंग में 14 और 15 मई को होने वाली ‘वन बेल्ट वन रोड’ (ओबीओआर) फोरम में अब अमेरिका भी शामिल होगा। अमेरिका ने अचानक यूटर्न लेते हुए चीन के 'वन बेल्ट, वन रोड' फोरम में शामिल होने का फैसला किया है। अमेरिका का यह कदम भारत पर काफी दबाव डालने वाला है क्योंकि अभी तक भारत ने चीन के 'वन बेल्ट, वन रोड' इनिशिएटिव में अपना प्रतिनिधि भेजने पर कोई निर्णय नहीं लिया है। भारत मानता है कि चीन ने अपनी इस परियोजना के लिए भरोसे का माहौल पैदा नहीं किया।


चीन के नापाक इरादों का सबसे बड़ा उदाहरण है चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा। चीन CPEC के द्वारा शिनजियांग को ग्वादर बंदरगाह से जोड़ने की फिराक में है जिसे उसने बलूचिस्तान में बनाया है। पेइचिंग भारत की संप्रभुता की उपेक्षा करते हुए इसे गिलगित-बलूचिस्तान इलाके से गुजार रहा है जिस पर भारत अपना दावा पेश करता है।


इस फोरम की बैठक में कुछ भारतीय विशेषज्ञ भी शामिल हो सकते हैं। इस बैठक में 50 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे।


चीन के साथ सैन्य मतभेद रखने वाले जापान और दक्षिणी कोरिया भी पेइचिंग अपने प्रतिनिधि भेजने को राजी हैं। वहीं दक्षिणी चीन सागर के मुद्दे पर मतभेद रखने वाले वियतनाम और इंडोनेशिया भी अपने आधिकारिक प्रतिनिधि चीन भेजेंगे। पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका भी इसमें हिस्सा लेंगे।