"सऊदी अरब 1.15 अरब डॉलर के अमेरिकी हथियारों से किसे मारेगा?"

नई दिल्ली (16 अगस्त) :  बराक ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन सऊदी अरब को 1.15 अरब डॉलर के टैंक, मशीन गन्स और दूसरे मिलिट्री इक्विप्मेंट बेचना चाहता है। लेकिन अमेरिका के कई सांसदों ने इस मुद्दे पर आंखें तिरछी कर ली हैं।

बता दें कि पेंटागन डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी ने बीते हफ्ते सऊदी अरब के साथ इस रक्षा सौदे का ऐलान किया था। इसके तहत सऊदी अरब को 153 अबराम टैंक, 20 हर्क्युलिस आर्मर्ड व्हेकिल्स, 153 M2.50 कैलिबर मशीन गन्स और 266  7.62mm M240  मशीन गन्स बेचना मंजूर किया था।

बता दें कि पहले भी सऊदी अरब को हथियार बेचना सीमित रखने की कोशिशें नाकाम रही थीं। लेकिन अब अमेरिकी सांसद इस बात पर चिंता जता रहे हैं कि सऊदी अरब के शासक सीरिया के गृह युद्ध में जिहादी ग्रुपों समेत सशस्त्र विद्रोहियों को शह दे रहे हैं। इसी तरह यमन में शिया ग्रुपों के खिलाफ अभियान के तहत सऊदी अरब बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिकों को मार रहा है।   

सीनेटर क्रिस मर्फी ऐसे विधेयक का समर्थन कर रहे हैं जो अमेरिकी राष्ट्रपति से ये प्रमाणित करने की मांग कर रहा है कि सऊदी अरब को बेचे जाने वाले किसी भी हथियार को नागरिकों को मारने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। साथ ही ये भी ध्यान रखा जाएगा कि कोई भी हथियार आतंकियों के हाथों में ना पहुंच पाए। मर्फी ने एक बयान में कहा कि सऊदी आतंकी संगठन आईएस के ख़िलाफ़ लड़ाई के मोर्चे में पीछे ही रहे हैं। ऐसे में सऊदी अरब को चाहिए कि वो आईएस के ख़िलाफ़ सैन्य अभियान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले। मर्फी ने यमन में सऊदी अरब के ऑपरेशन्स में बड़ी संख्या में नागरिकों के मारे जाने पर भी चिंता जताई।