अमेरिकी संसद में लाया गया पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने के लिए बिल

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (10 मार्च): पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित देने के लिए अमेरिकी संसद में एक बार फिर आवाज उठी है। रिपब्लिकन सांसद और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में आतंकवाद पर बनी सबकमेटी के चेयरमैन टेड पो ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में 'पाकिस्तान स्टेट स्पॉन्सर ऑफ टेररिज्म एक्ट' नाम का बिल पेश किया है। छह महीने में यह दूसरा मौका है जब अमेरिकी संसद में पाकिस्तान के खिलाफ बिल पेश किया गया है। बिल पेश करते हुए टेड पो ने दलील दी कि पाकिस्तान न केवल गैर-भरोसेमंद सहयोगी है, बल्कि वो कई सालों से अमेरिका के दुश्मनों को मदद कर रहा है। ओसामा बिन लादेन को छिपाने से लेकर हक्कानी नेटवर्क को बढ़ाने में पाकिस्तान का ही हाथ रहा है। टेड पो ने कहा कि यह सही समय है जब अमेरिका पाकिस्तान के साथ संबंधों को नए सिरे से परिभाषित करे। पाकिस्तान को उसके धोखे की सजा दे और उसकी सहायता बंद करे। विधेयक पेश होने बाद अब ट्रंप सरकार को 90 दिनों के अंदर कांग्रेस में जवाब देना होगा कि क्या पाकिस्तान ने आतंकवाद से निपटने में कितना सहयोग दिया है। वैसे यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी संसद में पाकिस्तान को आतंकवादी देश करार देने के लिए बिल पेश किया गया है। इससे पहले भी टेड पो और डेमोक्रेटिक पार्टी से सदस्य डाना रोहराबाचर ने सितंबर 2016 में ऐसा ही एक बिल पेश किया था।

US कांग्रेस में लाया गया PAK को आतंकी देश घोषित करने के लिए बिल...

    * हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में 'पाकिस्तान स्टेट स्पॉन्सर ऑफ टेररिज्म एक्ट(एचआर-1449)'नाम का बिल पेश किया गया।

    * बिल रिपब्लिकन सांसद और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में आतंकवाद पर बनी सबकमेटी के अध्यक्ष टेड पो ने पेश किया।

    * विधेयक में पाकिस्तान को 'आतंकवाद प्रायोजक देश' घोषित करने की मांग की गई है।

    * अगल ऐसा नहीं किया जाता तो रिपोर्ट में बताना होगा कि कौन से कानूनी पैमानों के तहत यह नहीं किया गया।

    * एक मैग्जीन में दिए इंटरव्यू में टेड पो ने पाकिस्तान के साथ संबंधों को नए सिरे से परिभाषित करने कर मांग की।

    * रिपब्लिकन सांसद टेड पो का कहना है कि पाकिस्तान को लेकर हमारे विचारों में बदलाव जल्दी नहीं होगा।

    * लेकिन पाकिस्तान के साथ संबंधों पर विचार होना चाहिए खासतौर पर अमेरिका और भारत के संबंधों को देखते हुए।

सितंबर 2016 में भी पेश किया जा चुका है PAK को आतंकी देश घोषित करने के लिए बिल...

    * अमेरिका के दो प्रभावशाली सांसदों ने पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने के लिए बिल पेश किया है।

    * बिल को अमेरिकी सांसद टेक्सास से टेड पो और कैलिफोर्निया से डाना रोहराबाचर ने पेश किया।

    * हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में पाकिस्तान स्टेट स्पॉन्सर ऑफ टेररिज्म डेजिगनेशन एक्ट टेबल किया गया है।

    * टेड पो हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में टेररिज्म पर बनी उपसमिति के अध्यक्ष भी हैं।

    * पो ने कहा अब समय आ गया है कि हम पाक के विश्वासघात के लिए उसे धन देना बंद कर दें।

    * साथ ही अमेरिका उसे घोषित करे जो वह है आतंकवाद को प्रायोजित करने वाला देश।

    * पाकिस्तान एक ऐसा सहयोगी है जिसपर भरोसा नहीं किया जा सकता।

पाकिस्तान पर अमेरिका क्यों है इतना सख्त...

    * यह पहला ऐसा मौका है जब पाकिस्तान को अमेरिका ने सुनाई खरी-खरी।

    * अमेरिका ने सार्वजनिक तौर पर पाकिस्तान पर बैन लगाने की बात कही है।

    * पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने वाले लोगों की होगी कड़ी निगरानी।

    * राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रेसिडेंशियल कैम्पेन के दौरान पाक को खतरनाक मुल्क बताया था।

    * ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्तान ने 9/11 के बाद अमेरिका को कई बार धोखा दिया है।

    * ट्रंप ने कहा था कि राष्ट्रपति बनने के बाद पाकिस्तान को हर गलती के लिए सजा देंगे।

    * इससे अनुमान पहले ही लगाया गया था कि वे पाक के मामले में कड़ा फैसला कर सकते हैं।

    * अमेरिकी साप्ताहिक समाचार पत्रिका 'न्यूजवीक'के मुताबिक भारत के पक्ष में मजबूती से खड़े हैं ट्रंप।

    * डोनाल्ड ट्रंप ने कैम्पेन में मोदी को महान शख्सियत और खुदको हिंदुओं का फैन बताया था।

    * डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी की तरह नारा भी दिया था अबकी बार ट्रम्प सरकार।

ट्रंप-नवाज की बातचीत को लेकर पाकिस्तान बोल चुका है झूठ...

    * कुछ दिन पहले शरीफ के कार्यालय ने ट्रंप के साथ बातचीत का एक वक्तव्य जारी किया था।

    * जिसमें कहा गया कि डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को एक ‘अद्भुत’ देश करार दिया है।

    * वक्तव्य के मुताबिक ट्रंप ने शरीफ से कहा कि उनकी बहुत अच्छी छवि है।

    * यही नहीं वक्तव्य में लिखा गया कि शरीफ एक शानदार इंसान हैं।

    * आप अद्भुत काम कर रहे हैं मैं जल्द ही आपसे मिलने की आशा कर रहा हूं।

    * लेकिन यह सब झूठ है 'सफेद झूठ', यह राष्ट्रपति ट्रंप की मीडिया टीम ने साफ कहा।

    * पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के साथ उनकी बातचीत जरूर हुई लेकिन पाक ने मतलब गलत निकाला।

    * पाकिस्तान ने बातचीत को मिर्च-मसाला लगाकर दुनिया के सामने पेश किया है।

अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में पहले से ही बढ़ चुकी है तल्खी....

    *अमेरिका 2011 से पाक को 350 करोड़ डॉलर की सालाना मदद दे रहा था।

    *पांच साल में यह मदद 70% तक घट गई।

    *2007 के बाद मदद कम करने का यह पहला मौका होगा।

    *अमेरिका का कहना है कि पाकिस्तान तालिबान को सपोर्ट कर रहा है।

    *जिसके चलते अमेरिकी और नाटो फौजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    *अमेरिका के मदद की रकम करने से पाक अफसरों में खलबली मच गई है।

    *हकीकत में पाक इस पैसों का इस्तेमाल तालिबान के खिलाफ नहीं करता।

    *बल्कि पैसों का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों में करता रहा है।