भारतीय मूल के अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप के आव्रजन नीति का किया विरोध

नई दिल्ली ( 27 जनवरी ): भारतीय मूल के अमेरिकी सांसदों ने देश की आव्रजन नीति को नया रूप देने के लिए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गुरुवार को निंदा की और ट्रंप के इस कदम को आप्रवासी विरोधी करार देते हुये कहा कि यह परिवारों को एक दूसरे से अलग कर देगा।

 सीनेटर कमला हैरिस ने कहा कि ट्रंप ने कई कार्यकारी आदेशों के साथ अपनी आप्रवासी-विरोधी नीति को आगे बढ़ाया है जो कि सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर कर परिवारों को एक दूसरे से अलग कर देगा।

कमला हैरिस अमेरिका के उपरी सदन में निर्वाचित होने वाली भारतीय मूल की पहली अमेरिकी हैं। हैरिस ने कहा, हमारे समाज के लिए योगदान करने वाले आप्रवासी परिवारों को निशाना बनाने के लिए एक निर्वासन बल का निर्माण करना मजबूती नहीं दिखाता। 

उन्होंने कहा कि एक अवास्तविक सीमा दीवार के लिए करदाताओं को भुगतान करने के लिए कहना कोई समाधान नहीं है। बच्चों और परिवारों को सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य सवाओं से वंचित करने के लिए कहना गैरजिम्मेदाराना और क्रूर रवैया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की आप्रवासी विरोधी नीति की वजह से अमेरिका अब कम सुरक्षित हो गया है।

हैरिस ने कहा, प्रवासी अब अपराधों की रिपोर्ट करने के लिए आगे नहीं आएंगे , अब परिवार डर के साये में रहेंगे और हमारा समुदाय और स्थानीय अर्थव्यस्था बुरी तरह प्रभावित होगी । प्रतिनिधि सभा की भारतीय मूल की सदस्य प्रमिला जयपाल ने भी इस विभाजनकारी एजेंडे को आगे बढ़ाने पर राष्ट्रपति की आलोचना की।