H-1B वीजा बिल पर भारत ने अमेरिका को बताया अपना रूख- विकास स्वरूप

नई दिल्ली (31 जनवरी): राष्ट्रपति ट्रंप ने वीजा नियम को और सख्त बनाने फैसला किया है। इस सिलसिले में ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस में H-1B वीजा बिल पेश कर दिया है। इस बिल में वीजा के लिए पात्रता की महत्वपूर्ण बदलावा का प्रस्ताव है। इस विधेयक में एच1-बी वीजा का न्यूनतम वेतन एक लाख डॉलर वार्षिक और मास्टर डिग्री की छूट को खत्म करने का प्रस्ताव है। इन सांसदों का कहना है कि विधेयक से एच1-बी वीजा का दुरुपयोग रोका जा सकेगा और इससे यह भी सुनिश्चित हो सकेगा कि नौकरियां दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को ही उपलब्ध हों।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा है कि भारत सरकार ने इस मुद्दे से यूएस प्रशासन और यूएस कांग्रेस के सीनियर नोताओं को अवगत करा दिया है।

7 मुस्लिम देशों के नागरिकों के आमेरिका आने पर पाबंदी लगाने के बाद अब राष्ट्रपति ट्रंप एच1-बी वीजा नीती में बड़े बदलाव करने का ऐलान किया है।

राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद अपने भाषण में भी ट्रंप ने कहा था कि ऐसे कंपनियों और देशों पर रोक लगानी होगी जो हमारी कंपनियों और नौकरियों को तबाह कर रही हैं। ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन अमेरिकी नौकरियों में स्थानीय लोगों को तवज्जो देगा। इससे एच-1 बी वीजा पर अमेरिका में काम करने वाले लाखों भारतीयों को गहरा झटका लग सकता है।