भारतीयों को डर्टी फ्यूल बेच रहा है अमेरिका, लोगों की जिंदगी से कर रहा है खिलवाड़

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नई दिल्ली (1 दिसंबर): भारत इस समय अमेरिका से फ्यूल वेस्ट प्रॉडक्ट मंगा रहा है, जिसको लेकर एक रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रिफाइनरियां जिस डर्टी फ्यूल वेस्ट प्रॉडक्ट को देश में नहीं बेच पा रहीं, उसे भारत भेज दे रही हैं। 

अमेरिका में इसकी खपत नहीं हो रही है तो अमेरिकी कंपनियां उन देशों का रुख कर रही हैं, जहां ऊर्जा की भारी मांग है। भारत उनके लिए बड़े आयातक के तौर पर उभरा है। AP की जांच में पता चला है कि पिछले साल दुनियाभर में भेजे गए अमेरिकी पेटकोक का एक चौथाई हिस्सा भारत को ही बेचा गया। 2016 में अमेरिका ने भारत को 80 लाख मीट्रिक टन से भी ज्यादा पेटकोक भारत भेजा। यह मात्रा 2010 की तुलना में 20 गुना ज्यादा है।

भारत में पहुंचा पेटकोक यहां की कई फैक्ट्रियों और संयंत्रों में जलाया जा रहा है और इससे हवा जहरीली हो रही है। नई दिल्ली के पास में ही लैबरेटरी टेस्ट किया गया तो पता चला कि आयातित पेटकोक में कोयले के लिए तय सीमा से 17 गुना ज्यादा सल्फर मौजूद है। इसमें डीजल से 1380 गुना ज्यादा सल्फर है। भारत की पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण अथॉरिटी EPCA की ओर से यह जानकारी दी गई है। प्रदूषण सिर्फ इसी से नहीं हो जा रहा है। भारत में भी अपना पेटकोक है, जो हवा को प्रदूषित कर रहा है।