अमेरिका ने 60 रूसी राजदूतों से देश छोड़ने को कहा, सिएटल स्थित दूतावास को किया बंद

नई दिल्ली ( 27 मार्च ): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जासूस पर केमिकल अटैक के मामले में 60 रूसी राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दे दिया है और सिएटल स्थित रूसी दूतावास को बंद करने का भी आदेश दिया है। अमेरिका और यूरोपियन देशों ने रूस को सबक सिखाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। आरोप है कि ब्रिटेन में पूर्व जासूस को जहर देने के मामले में रूस का भी हाथ है। ट्रंप प्रशासन के सीनियर अधिकारी ने कहा कि सभी 60 रशियन अमेरिका में डिप्लोमैटिक कवर के तहत जासूसी कर रहे थे। इनमें करीब एक दर्जन यूनाइटेड नेशन में रूस के मिशन पर तैनात थे। अधिकारी ने अपने बयान में कहा कि ट्रंप प्रशासन सख्त कदम उठाकर रूस के नेताओं को संदेश देना चाहता है कि इस तरह के मामले स्वीकार नहीं किए जा सकते हैं

जासूस सर्गेई स्क्रिपल पर केमिकल अटैक के मामले में रूस के खिलाफ अमेरिका समेत दुनिया के कई बड़े देश लामबंद हो गए हैं। पांच यूरोपियन देशों जर्मनी, पोलैंड, फ्रांस, यूक्रेन और लैटविया ने रूसी राजनयिकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इस मामले में अन्य यूरोपीय देशों ने भी रूसी राजनयिकों पर कार्रवाई की बात कही है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सेंडर्स ने कहा कि आज राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप ने अमेरिका से रूस के लगभग दर्जनभर खुफिया अधिकारियों को निष्कासित करने का आदेश दिया। इसके अलावा सिएटल में रूसी वाणिज्य दूतावास को बंद करने का भी आदेश दिया, क्योंकि यह हमारे पनडुब्बी और बोइंग के अड्डों के करीब है। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सभी रूसी राजनयिकों और उनके परिवार को देश छोड़ने के लिए सात दिन का वक्त दिया गया है।

सेंडर्स ने कहा कि आज की कार्रवाई, जिसमें अमेरिकियों पर जासूसी करने और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले गुप्त अभियान चलाने की रूस की क्षमता को घटाया गया है। इसके चलते अमेरिका और सुरक्षित हुआ है। यह कदम उठाकर अमेरिका और हमारे सहयोगियों तथा साझेदारों ने रूस को यह स्पष्ट कर दिया है कि उसकी गतिविधियों के दुष्परिणाम होंगे।

गौरतलब है कि यूरोपीय यूनियन के नेता पिछले हफ़्ते ही इस बात को लेकर सहमत हुए थे कि दक्षिणी इंग्लैंड में पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रिपल और उनकी बेटी यूलिया पर नर्व एजेंट से हमले के पीछे रूस का हाथ था। इससे पहले रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ब्रिटेन और उसके सहयोगी देशों के इन आरोपों को बेतुका बताते हुए खारिज कर दिया था कि चार मार्च को स्क्रिपल (66) और उनकी बेटी यूलिया (33) पर ब्रिटेन के सैलिसबरी में हुए केमिकल अटैक के पीछे रूस का हाथ है।