जीते डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका में 'अबकी बार ट्रंप सरकार' बनी


वाशिंगटन (9 नवंबर): अमेरिका में राष्‍ट्रपति चुनावों के नजीते आ चुके हैं। रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने हिलेरी क्लिंटन को हराते हुए बाजी मार है। इसी के साथ उनका नारा अमेरिका में अबकी बार 'ट्रंप सरकार' भी साकार हो गया है। ट्रंप अमेरिका के 45वें राष्‍ट्रपति होंगे।

डोनाल्ड ट्रंप यहां से जीते:

अलबामा
अर्कांसस

अलास्का
एरिजोना
फ्लोरिडा
जॉर्जिया
इडाहो
इंडियाना
आयोवा
कान्सास
केंटकी
लुइसियाना
मिशिगन
मिसिसिपी
मिसौरी
मोंटाना
नेब्रास्का
न्यू हैम्पशायर
उत्तरी कैरोलिना
नॉर्थ डकोटा
ओहियो
ओक्लाहोमा
पेंसिल्वेनिया
दक्षिण कैरोलिना
दक्षिण डकोटा
टेनेसी
टेक्सास
यूटा
पश्चिम वर्जीनिया
विस्कॉन्सिन
व्योमिंग

डेमोक्रेट कैंडिडेट हिलेरी यहां से जीतीं:

कैलिफोर्निया
कोलोराडो
कनेक्टिकट
डेलावेयर
कोलंबिया
इलिनोइस
मेन
मैरीलैंड
मैसाचुसेट्स
मिनेसोटा
नेवादा
न्यू जर्सी
न्यू मैक्सिको
न्यू यॉर्क
ओरेगन
रोड आइलैंड
वरमोंट
वर्जीनिया
वाशिंगटन

हवाई हिलेरी

क्या होते हैं इलेक्टोरल वोट्स
जब अमेरिकी नागरिक आम चुनाव में अपना वोट डालते हैं तो अपनी पसंद के राष्ट्रपति पद के कैंडिडेट के लिए ऐसा करते हैं। हालांकि, उनके राज्य के इलेक्टर्स की संख्या ज्यादा मायने रखता है। हर राजनीतिक पार्टी चुनाव से पहले सभी राज्यों के लिए क्षमतावान इलेक्टर्स चुनते हैं। इन इलेक्टर्स का वोट इलेक्टोरल वोट्स कहलाता है। सभी 50 राज्यों के इलेक्टर्स मिलकर इलेक्टोरल कॉलिज बनाते हैं, जो राष्ट्रपति का चुनाव रखते हैं। एक प्रत्याशी को जीतने के लिए 538 इलेक्टोरल वोट्स में 270 की जरूरत होती है।

अधिकतर अमेरिकी राज्यों में अगर किसी प्रत्याशी को जनता का अधिकतर वोट मिलता है तो आम तौर पर उसे पार्टी के इलेक्टर्स के भी सभी वोट मिल जाते हैं। हालांकि, यहीं पर पेच है। सभी राज्यों में इलेक्टर्स की संख्या समान नहीं है। उदाहरण के तौर पर कैलिफॉर्निया में 55 इलेक्टोरल वोट्स जबकि न्यू यॉर्क में इसकी संख्या 28 है।