साइथ चाईना सी में पहुंच कर अमेरिकी वार शिप ने चीन को चिढ़ाया

नई दिल्ली (3 जुलाई): अमेरिका ने विवादित दक्षिण चीन सागर क्षेत्र के उस द्वीप के पास अपना युद्धपोत भेजा है, जिस पर चीन अपना दावा जताता है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इसका मकसद समुद्री क्षेत्र में 'फ्रीडम ऑफ नेविगेशन' को दिखाना है। इससे पहले 25 मई को विध्वंसक यूएसएस ड्यूवी चीन के कृत्रिम द्वीप के पास पहुंच गया था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विध्वंसक यूएसएस स्टैथम पैरासल द्वीप समूह के छोटे द्वीप ट्राइटॉन के पास से गुजरा। इस पर ताइवान और वियतनाम भी अपना दावा कर रहे हैं। इस अभियान का मकसद संभवतः चीन को उकसाना है और यह अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड के पदभार ग्रहण करने के बाद से इस तरह का दूसरा अभियान है।


पेइचिंग दक्षिण चीन सागर के लगभग पूरे हिस्से पर अपने अधिकार का दावा करता है। जबकि इसके कुछ हिस्से पर ताइवान और अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देश जैसे फिलिपींस, ब्रुनेई, मलयेशिया और वियतनाम भी दावा कर रहे हैं। एशिया मैरिटाइम ट्रांसपैरेंसी इनिशिएटिव के मुताबिक, चीन ने हाल ही में ट्राइटॉन द्वीप पर निर्माण कार्य किया है जिसमें हेलिकॉप्टर लैंडिंग साइट बनाया गया है। द्वीप पर चीन का विशाल झंडा भी नजर आया जो कि सैटलाइट से ली गई तस्वीरों में नजर आया है। पेंटागन के मुताबिक, 2016 में अमेरिका ने ऐसे ही 'फ्रीडम ऑफ नेविगेशन' अभियान चलाया था। इसका मकसद 22 अलग तटीय देशों के दावे को चुनौती देना था।