अमेरिका ने चीन को दी चुनौती, साउथ चाइना सी के ऊपर उड़ाए लड़ाकू विमान

नई दिल्ली (7 जुलाई): साउथ चाइना सी पर बढ़ते विवाद के बीच अमेरिका ने चीन को कड़ी चुनौती दी है। चीन को चुनौती देते हुए अमेरिकी वायुसेना के दो लड़ाकू विमानों ने विवादित दक्षिणी चीन सागर के ऊपर से उड़ान भरी। अमेरिकी वायुसेना ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी और इस क्षेत्र पर चीन के दावे को दरकिनार करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र मानने पर जोर दिया।


गुरुवार को गुआम से अमेरिकी वायुसेना के विमान ने दक्षिणी चीन सागर के ऊपर उड़ान भरी। बता दें कि जर्मनी में होने जारे G20 सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अपने चीनी समकक्ष शी चिनफिंग से मुलाकात करने की अटकलें लगाई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान दोनों देश उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण को लेकर चीन की भूमिका पर चर्चा कर सकते हैं।


अमेरिका का मानना है कि बीते मंगलवार को उत्तर कोरिया ने जिस अन्तरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है उसकी जद में अमेरिका है। दूसरी तरफ चीन हमेशा से ही साउथ चाइना सी पर अपना दावा करता रहा है। इस इलाके पर चीन के पड़ोसी देश ब्रूनेई, मलयेशिया, फिलीपींस, ताइवान और वियतनाम भी अपना दावा करते आए हैं। साउथ चाइना सी के रास्ते हर साल करीब 50 खरब डॉलर का व्यापार होता है। यह सबसे बड़ी वजह मानी जाती है कि चीन इस इलाके में अपना दबदबा चाहता है। पेइचिंग अक्सर इस इलाके के हवाई क्षेत्र में दूसरे देशों के विमानों के आने का विरोध करता रहा है।


अमेरिका, साउथ चाइना सी क्षेत्र में चीन द्वारा सैन्य सुविधाओं के निर्माण की हमेशा से आलोचना करता आया है। उसका मानना है कि पेइचिंग इसका इस्तेमाल अपनी रणनीतिक पहुंच बढ़ाने के लिए कर सकता है। इस इलाके के हवाई क्षेत्र में उड़ने वाले ये दोनों अमेरिकी विमान जापानी जेट फाइटर के साथ पास के ही पूर्वी चीन सागर में प्रशिक्षित किए गए थे। यूएस एयरफोर्स के प्रवक्ता मेजर रेयान सिंपसन ने एक बयान में कहा, 'यह हमारे सहयोगियों के साथ ऑपरेशंस के संचालन करने की क्षमता को साफ तौर पर दर्शाता है।'


बीते महीने भी अमेरिका के 2 B-1B विमान ने गुआम से साउथ चाइना सी के ऊपर तक उड़ान भरी थी। वहीं मई के आखिरी में अमेरिकी जंगी जहाज भी इस इलाके में गश्त करने आया था।