यूएस एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट ने कहा-खूब खाओ घी-मक्खन, नहीं होगा हार्ट फेल

नई दिल्ली (25 मार्च): भारत के आयुर्वेद विशेषज्ञ हमेशा से कहते रहे हैं गांव-देहातों का देसी घी और मक्खन सेहतमंद होता है, लेकिन दुनिया रिफाइंड के ऐसे जंजाल में फंसी कि घी और मक्खन को दुश्मन मान लिया। अब अमेरिका के एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट ने घी और मक्खन को कथित नॉटी लिस्ट से हटा लिया है। अमेरिका का एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट हर पांच वर्ष बाद अपने देश के लोगों को बताता है कि कौन-कौन से चीजें स्वास्थ्य के लिए हानि कारक हैं और कौन सी नहीं।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और अमेरिकन कॉलेज ऑफ कॉर्डियोलॉजी ने कहा कि घी और मक्खन का ब्लड कोलेस्ट्रॉल से कोई संबंध नहीं है। क्लीवलेंस मशहूर कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर स्टीवन निसेन न कहा कि अमेरिका की डाइटरी गाइडलाइंस एडवाइज़री कमेटी को यह काफी पहले बता दिया गया था कि घी, मक्खन नारियल तैल से गुड ब्लड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। वहीं कुछ डॉक्टरों ने चीनी के उपयोग पर लोगों को चेतावनी दी है। डॉक्टरों का कहना है कि चीनी  शरीर में इंसुलिन बनाने प्रिक्रिया पर बहुत नकारात्मक असर डालती है। इससे शरीर में चर्बी बढ़ती है और स्ट्रोक्स के खतरे बढ़ जाते हैं।