बहन की शादी की थी तैयारी, बॉर्डर से आई अर्थी

नई दिल्ली(20 सितंबर): उरी हमले में शहीद हुए यूपी को संतकबीर नगर जिले के गणेशशंकर यादव के घर पर मातम पसरा है। उनके परिवार वालों के साथ गांव के लोग भी इस खबर से गमगीन हैं। गणेश अगले ही महीने अपनी बहन की शादी करने के लिए छुट्टी पर आने वाला था। मगर किसी ने सोचा नहीं था कि अपनी बहन की शादी के सपने संजोने वाला गणेश बहन को विदा करने से पहले ही दुनिया से विदा ले लेगा।

- दस दिन पहले गुड़िया की गणेश की बात हुई थी तो उन्होंने कहा था कि दशहरा में बहन की शादी के तैयारियों के लिए एक महीने की छुटटी लेकर आऊंगा। बहन की डोली की तैयारी में लगे गणेश घर वापस तो आए लेकिन उनके शरीर को किसी को कंधा देना पड़ा। बनारस एयरपोर्ट पर शाम को शव पहुंचने के बाद मंगलवार सुबह आने की खबर मिलने गमगीन इंतजार और बढ़ गया।

- गणेश की पत्नी ने कहा कि उनका बेटा भी सेना का जवान बनेगा। उनका कहना है कि वह अपने पिता के अधूरे कामों को पूरा करेगा और देश की रक्षा करेगा। गणेश के शहीद की खबर सुनने के बाद सभी गांववासियों को यकीन ही नहीं। शहीद होने की खबर मिलने के बाद गांव में किसी के घर में चूल्हा नहीं जला। गणेश के पिता देवीदीन काफी पहले गुजर चुके हैं। गणेश के परिवार में एक भाई, बहन, पत्नी के अलावा तीन बच्चे भी हैं। गणेश अपने परिवार में अकेले कमाने वाले थे। उनके बड़े भाई सुरेशचंद्र यादव ने कहा कि अगले महीने ही बहन की शादी करनी थी, बहन को बिना विदा किये गणेश चला गया।