अखिलेश-मायावती ने योगी सरकार के यूपीकोका बिल का किया विरोध, कही ये बातें

नई दिल्ली (20 दिसंबर): अपराध पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार आज भारी हंगामे के बीच विधानसभा में उत्तर प्रदेश कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट यानी यूपीकोका विधेयक को पेश किया। योगी सरकार इस फैसले का तमाम विपक्षी दल, मुस्लिम संगठन विरोध कर रहे हैं, उनका कहना है कि यह कानून एक खास जाति को निशाना बनाने के लिए लाया जा रहा है।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर इस कानून का विरोध किया है। अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए कहा है कि यूपीकोका नहीं ये धोखा है। फर्नीचर साफ करने के पाउडर को PETN विस्फोटक बताने वाले जनता को बहकाने में माहिर हैं। 9 महीनों में बीजेपी ने जन सुरक्षा से खिलवाड़ करते हुए न सिर्फ समाजवादी 'यूपी100' और महिला सुरक्षा की '1090हेल्पलाइन' को, बल्कि समाजवादी विकास पथ पर बढ़ते प्रदेश को रोका है।

वहीं बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने भी इस कानून का विरोध किया है, उन्होंने कहा कि यूपी कोका का इस्तेमाल, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के दमन के लिए किया जाएगा, यह कानून जनहित के खिलाफ है, लिहाजा इस बिल को वापस लिया जाना चाहिए। 

आपको बता दें कि प्रस्तावित बिल में गैरकानूनी तरीके से कमाई गई संपत्ति को भी शामिल किया गया है। गैरकानूनी तरीके से अर्जित की गई संपत्ति को जब्त करने का भी प्रावधान इस बिल में किया गया है। साथ ही इस बिल में यूपीकोका से जुड़े तमाम मामलों की सुनवाई के लिए अलग से विशेष अदालत बनाए जाने का प्रावधान किया गया है। ये अदालतें मुख्य रूप से इसी से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगी और जल्द से जल्द मामलों का निपटारा करके अपराधियों को सजा देने का काम करेंगी। इन आपराधिक मामलों की सुनवाई खुद राज्य के गृह सचिव करेंगे। आपको बता दें कि इससे पहले वर्ष 2007 में मायावती भी यह कानून लाना चाहती थीं लेकिन केंद्र सरकार ने उन्हें इसकी मंजूरी नहीं दी थी।

यूपीकोका कानून की बड़ी बातें...

- सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए हिंसा करना - आतंक फैलाना या बलपूर्वक हिंसा - हिंसा कर सरकारी संपत्ति को नष्ट करना - सरकारी अधिकारी को जान से मारने-बर्बाद करने की धमकी देना - फिरौती,सरकारी ठेका हथियाने के लिए शक्ति प्रदर्शन - संगठित अपराध करने वालों को शरण देने पर उम्रकैद से 7 साल तक की सज़ा - 15 लाख का जुर्माना का प्रावधान है यूपीकोका में - संगठित अपराध करने वाले की संपत्ति रखने वाले को 3 साल से आजीवन कारावास तक - निजी या सरकारी जमीन पर कब्ज़ा - बाजारों,व्यापारियों से अवैध वसूली - अवैध खनन,वन उपज का अवैध दोहन, मनी लॉन्ड्रिंग, मानव व्यापार - नकली दवा, अवैध शराब बेचना