''अपनी लीगल टीम बदलकर कांग्रेस ने कुरैशी को क्यों दिया केस''

नई दिल्ली (20 मई): आईसीजे में पाकिस्तानी वकील खावर कुरैशी को लेकर अबतक पाकिस्तान में सवाल उठ रहे थे, अब भारत में भी उनको लेकर हमला शुरू हो गया है। बीजेपी नेता जीवीएल नरसिम्हा ने दावा किया है कि कांग्रेस सरकार ने एनरॉन मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन में खावर कुरैशी को ही वकील बनाया था। बीजेपी अब पूछ रही है कि इतने महंगे और पाकिस्तान के वकील को करने के पीछे कांग्रेस सरकार की की मंशा क्या थी। उन्होंने पूछा है कि इस केस में कांग्रेस ने अपनी लीगल टीम को बदलकर खावर कुरैशी को केस क्यों दिया था।

आपको बता दें कि 2004-05 में यूपीए सरकार ने ICJ में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए पाकिस्तान के इसी वकील खावर कुरैशी को नियुक्त किया था। रत्नागिरी दाभोल परियोजना में एनरॉन कंपनी ने भारत सरकार पर 6 अरब अमेरिकी डॉलर यानी करीब 38 हजार करोड़ का केस कर दिया था, जब यह मामला इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन में गया तो अपना केस लड़ने के लिए भारत सरकार ने खावर कुरैशी को अपना वकील नियुक्त किया था।

तब सरकार ने भारत का केस लड़ने वाली लॉ फॉर्म डीएलए पाइपर को हटा दिया था और इसकी जगह फॉक्स मंडल को नियुक्त किया था। फॉक्स मंडल की ही सलाह पर खावर कुरैशी को वकील चुना गया था। बता दे कि 1998-2005 के बीच भारत और पाक के बीच रिश्ते अच्छे नहीं थे और पाक के आतंक के चलते भारत के लोग गुस्से में थे, फिर भी यूपीए सरकार ने पाकिस्तानी वकील को भारत का केस लड़ने के लिए चुना।

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