जो मांगता रहा कुलभूषण के लिए फांसी, उसी ने लड़ा था भारत के लिए केस

नई दिल्ली (20 मई): कुलभूषण मामले में पाकिस्तान की पैरवी कर रहे वकील खावर कुरैशी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। 2004 में यूपीए सरकार ने ICJ में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए पाकिस्तान के इसी वकील खावर कुरैशी को नियुक्त किया था।

खावर कुरैशी लंदन के बहुत बड़े वकील हैं। जाधव मामले में इन्होंने आईसीजे में पाकिस्तान का केस लड़ा और इसके लिए इन्होंने 5 करोड़ पाकिस्तानी रुपये की मोटी फीस ली। हालांकि अब सामने आया है कि साल 2004 में रत्नागिरी दाभोल परियोजना में एनरॉन कंपनी ने भारत सरकार पर 6 अरब अमेरिकी डॉलर यानी करीब 38 हजार करोड़ का केस कर दिया था, जब यह मामला इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन में गया तो अपना केस लड़ने के लिए भारत सरकार ने खावर कुरैशी को अपना वकील नियुक्त किया था।

तब सरकार ने भारत का केस लड़ने वाली लॉ फॉर्म डीएलए पाइपर को हटा दिया था और इसकी जगह फॉक्स मंडल को नियुक्त किया था। फॉक्स मंडल की ही सलाह पर खावर कुरैशी को वकील चुना गया था। बता दे कि 1998-2005 के बीच भारत और पाक के बीच रिश्ते अच्छे नहीं थे और पाक के आतंक के चलते भारत के लोग गुस्से में थे, फिर भी यूपीए सरकार ने पाकिस्तानी वकील को भारत का केस लड़ने के लिए चुना।

वहीं, कांग्रेस के इस फैसले का बचाव करते हुए कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि कुरैशी एक स्वतंत्र बैरिस्टर हैं और पाकिस्तान भी भारतीय वकीलों को नियुक्त करता है।

क्या था एनरॉन घोटाला:

- 2002 से 15 साल पहले अमेरिका में कोई एनरॉन का नाम भी नहीं जानता था।

- इस कंपनी ने 15 साल में गुमनामी के अंधेरे से अमेरिका की सातवीं सबसे बड़ी कंपनी होने की लंबी यात्रा तय की।

- इसके लिए 40 अलग-अलग देशों में 21,000 से भी अधिक कर्मचारी काम करते रहे हैं। लेकिन जानकारियां मिली कि कंपनी की सफलता के पीछे बड़े-बड़े घोटाले है।

- एनरॉन ने अपने लाभ के बारे में झूठ बोला और कई प्रकार के संदिग्ध लेन-देन किए।

- एनरॉन के वरिष्ठ अधिकारियों पर धोखाधड़ी और निवेश बाज़ार की अंदरुनी सूचनाओं का लाभ उठाकर शेयरों की ख़रीद-फ़रोख़्त करने का आरोप लगा।

- एक ओर जहां एनरॉन के कार्यकलापों की जांच चल रही थी, वहीं कंपनी अपनी विभिन्न संपत्तियों को निपटाने में लगी थी।

- भारत के महाराष्ट्र राज्य में अब तक की सबसे बड़े विदेशी निवेश परियोजना को बिक्री के लिए रखा गया था।