यूपी: रमजान में गांव वालों ने अपने पैसे से बनाए शौचालय, लौटा दिए सरकार के 17.5 लाख रुपए

                                                                       प्रतीकात्मक तस्वीर

दिल्ली ( 10 जून): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान की शुरुआत करने के बाद से देश में स्वच्छता को लेकर लोग काफी जागरुक हो रहे हैं। सभी अपना-अपना सहयोग कर देश को स्वच्छ और खुले मे शौच से मुक्ति दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। कई लोग ऐसे भी हैं जो बिना किसी सरकारी मदद के अपना काम कर नई मिसालें कायम कर रहे हैं। ऐसे ही एक मिसाल उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के एक गांव मुबारकपुर काला के लोगों ने कायम की है। रमजान के पाक महीने में गांववालों ने प्रशासन से मिल रही मदद को ठुकरा कर अपने दम पर गांव को 'खुले में शौच से मुक्ति' दिलाई है।


एक अंग्रेजी अखबार की खबरे क मुताबिक यूपी के बिजनौर के इस गांव ने सरकार से मिल रहे 17.5 लाख रुपए के बिना ही आपस में पैसे इकठ्ठा कर शौचालय बनवाए हैं। इंस्पेक्शन के बाद मुबारकपुर काला गांव को 'खुले में शौच से मुक्त' घोषित कर दिया गया है।


अखबार के मुताबिक मुस्लिम बहुल इस गांव में 661 परिवार रहते हैं। 3,500 की जनसंख्या वाले इस गांव में केवल 146 घरों में शौचालय थे, ज्यादातर परिवार खुले में ही शौच जाते थे। जिला प्रशासन ने गांव की प्रधान किश्वर जहां को शौचालय बनवाने के लिए सहायता देने का विकल्प दिया। गांव की प्रधान किश्वर जहां के नेतृत्व में लोगों ने गांव को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने का बीड़ा उठाया। किश्वर ने शौचालय का प्रपोजल प्रशासन को भेज दिया और प्रशासन द्वारा 17.5 लाख रुपये प्रधान के जॉइंट बैंक अकाउंट में डाले गए। मगर इस मदद को लेने से गांव वालों ने इंकार कर दिया।


वहीं गांववालों ने यह काम रमजाम के मुबारक मौके पर किया है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग नेक कामों के लिए दान करते हैं। गांव वालों का कहना है कि ‘यह रमजान का महीना है और अच्छे कामों के लिए मदद नहीं ली जाती। वहीं खबर के मुताबिक सीडीओ ने इस मौके पर खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि यह राज्य का पहला गांव होगा जिसने पैसे लेने से इंकार किया और खुद शौचालय बनवाने का काम किया।