पाकिस्तान के बाद भारत मे भी बना पीओके

कानपुर (17 जून):  उत्तर प्रदेश में कानपुर जिले के एक गांव ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताने के लिए एक बहुत ही अगल तरीका निकाला है। सिम्मरनपुर गांव की जिसने बेसिक सुविधाएं पाने के लिए अपने गांव का नाम बदलकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) कर दिया है। गांव वाले जानते हैं कि केंद्र और राज्य में दोनों ही जगह पर बीजेपी की सरकार है और गांव का पीओके नाम रखे जाने पर सरकार जरुर कोई न कोई कदम उठाएगी।


इस गांव में न तो बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल हैं, न बिजली है, न पक्की सड़के हैं और न ही स्वास्थ्य संबंधी अस्पताल या डिसपेंसरी हैं। गांव में एक ही हैंड पंप है, जिसमें कभी पानी नहीं आता।


ग्रामीणों का कहना है कि कई बार उच्च अधिकारियों से गांव में बेसिक सुविधा मुहैया कराने की गुहार लगाई गई लेकिन किसी ने मदद नहीं की, इसलिए हमारे पास एकमात्र उपाय बचा कि हम गांव का नाम ही बदल दें। खबरों के मुताबिक इस गांव की आबादी करीब 800 है। गांव में बेसिक सुविधाएं पाने के लिए मुहिम चलाने वाले सोनू यादव ने कहा कि हम अखबारों में कश्मीर के हालात के बारे में पढ़ते हैं। हमारे गांव के हालात कश्मीर से कम नहीं है। गांव में सुविधाएं मुहैया कराने के मामले में बीजेपी विधायक अभिजीत सिंह से बातचीत की लेकिन उन्होंने इसपर कोई कार्यवाही नहीं की।


आपको बता दें कि गांव में पिछले 70 सालों से बिजली नहीं है और आज के समय में यहां के हालात दिन प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं। जब कहीं भी सुनवाई नहीं हुई तो गांववालों ने मंदिरों, दीवारों पर गांव का नाम पीओके रखने के पोस्टर लगा दिए।