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तो इस वजह से इंटरनेशनल एजेंसियों के रडार पर है यूपी का संभल...!

इस आतंकी के मारे जाने के बाद जब जांच-पड़ताल की गयी तो पता चला गया आसिम उमर नाम का यह आतंकी भारतीय मूल का था और वो उत्तर प्रदेश में संभल के दीपा सराय का रहने वाला था। उसने देवबंद की मुस्लिम यूनिवर्सिटी

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (9 अक्टूबर): अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के एक ऑपरेशन के बाद देश ही नहीं बल्कि विदेशी खुफिया एजेंसियों की नजर उत्तर प्रदेश के संभल और देववंद की ओर घूम गयीं हैं। दरअसल, अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना ने अलकायदा के एक बड़े आतंकी को मार गिराने का दावा किया है। बताया गया है कि मारा गया आतंकी इंडियन सब कॉंटिनेंट के देशों में हिंसक गतिविधियां चलाने के लिए सरगना बनाया गया था। इस आतंकी के मारे जाने के बाद जब जांच-पड़ताल की गयी तो पता चला गया आसिम उमर नाम का यह आतंकी भारतीय मूल का था और वो उत्तर प्रदेश में संभल के दीपा सराय का रहने वाला था। उसने देवबंद की मुस्लिम यूनिवर्सिटी से डिग्री हासिल की थी। दीपा सराय में आसिम उमर को सनाउल हक उर्फ सोनू के नाम से पुकारा जाना जाता था। सोनू 1997 के आस-पास में पाकिस्तान भाग गया और वहां जाकर अलकायदा में शामिल हो गया था।

अमेरिकी हवाई हमले में ढेर हुआ अलकायदा का भारतीय उपमहाद्वीप का कमांडर मौलाना आसिम उमर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। आसिम उमर सितंबर में अफगानिस्तान में हुई अमेरिकी एयर स्ट्राइक में मारा गया था। उमर उत्तर प्रदेश के संभल जिले का रहने वाला था, जहां वह सनाउल हक उर्फ सन्नू के नाम से जाना जाता था। वह संभल के दीपा सराय इलाके में रहता था, लेकिन 1990 के दशक के आखिरी दौर में वह पाकिस्तान भाग गया और नौशेरा के दारुल उलूम हक्कानिया से जुड़ा गया। इस मदरसे को जिहाद यूनिवर्सिटी कहा जाता है। अपनी दीनी और असकारी ट्रेनिंग के बाद उमर आतंकी संगठन हरकत-उल-मुजाहिदीन का हिस्सा बन गया था। इसके बाद वह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़ गया।

जुलाई, 2018 में अमेरिका ने आसिम उमर को अपनी ग्लोबल टेररिस्ट की लिस्ट में डाल दिया था। इसके साथ ही अमेरिका ने अलकायदा की भारतीय उपमहाद्वीप इकाई को भी विदेशी आतंकी संगठनों की सूची में डाला था। अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय ने आतंकी आसिम उमर के मारे जाने की पुष्टि की है। हालांकि, अफगानिस्तान के तालिबान ने आसिम उमर के मारे जाने का खण्डन किया है।  

सितंबर, 2014 में एक विडियो संदेश के जरिए अलकायदा के सरगना अयमान अल-जवाहिरी ने भारत, म्यांमार और बांग्लादेश में आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने का ऐलान करते हुए भारतीय उपमहाद्वीप के लिए भी यूनिट के गठन की बात कही थी। इसके बाद जवाहिरी ने आसिम उमर को भारतीय उपमहाद्वीप में आतंकवाद फैलाने के लिए कमांडर के तौर पर चुना था। उसी साल अफगानिस्तान के मिरान शाह शहर में जवाहिरी ने आसिम उमर को कमांडर बनाया था।

Images Courtesy:Google

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