कॉलेज संरक्षक की शवयात्रा में शामिल नहीं हुए छात्र, सस्पेंड

नई दिल्ली(20 अगस्त): मऊ जिले में अजब गजब का तुगलगी फरमान कालेज प्रबंधन द्वारा जारी किया गया हैं। तुगलगी फरमान ऐसा हैं कि जिससे शिक्षा जगत में हलचल सी मच गयी हैं। पुरे जनपद के कालेज स्कूल वालों को इस फरमान ने अचंभित सा कर दिया हैं। 

- दरअसल पूरा मामला यह है कि कालेज के संरक्षक और प्रबंधन समिती के  अधयक्ष की मौत के बाद शव यात्रा में शामिल नही होने  सैंकङों स्कूली छात्रों को स्कूल से बाहर निकाल दिया गया हैं। साथ ही नाम काट कर स्कूल से बाहर करने की धमकी स्कूल प्रशासन द्वारा दी गयी हैं। जिससे नाराज छात्र और उनके परिजनों ने कालेज गेट पर जमकर हंगामा काटा हैं।   - मामला नगर कोतवाली के डीएवी इंटर कालेज का हैं। जहां पर 17 अगस्त को स्कूल के संरक्षक रामचन्द्र सिंह का देहान्त हो गया। जिसके बाद 18 अगस्त को शव यात्रा निकाला गया। जिसमें स्कूल के छात्रों को शव यात्रा के दौरान फूलों की बरसात करने का जिम्मा सौंपा गया। लेकिन कुछ छात्रों शव यात्रा में सामिल ना हो कर घर वापस चले गये। लेकिन आज सुबह जब वह कालेज पहुचें तो कालेज के प्रधानाध्यापक देव भास्कर तिवारी ने अजब गजब का तिगलकी फरमान छात्रों के लिए जारी कर दिया। 

- फरमान के मुताबिक शव यात्रा में नही पहुचनें वाले छात्रों को कालेज के गेट से बाहर कर दिया। साथ ही नाम काटने की धमकी देते हुए अभिभावकों के संग अगले दिन कालेज आने की सजा सुनाई गयी हैं। फिलहाल फरमान के बाद छात्रों ने कालेज गेट पर ही हंगामा करना शुरु कर दिया। सैंकङों की संख्या में छात्रों ने परिजनों को सारी सुचना से अवगत भी कराया। जिससे परिजनों में भी तुगलगी फरमान से आक्रोश व्याप्त हैं। वही प्रधानाचार्य भी अब मामला बिगङता देख सारे मामलें को अनुशासन से जोङ रहे हैं। ताकि भविष्य में बच्चे इस तरह की गुस्ताखी ना कर सकें।  

- जिलाधिकारी ने तत्काल ही सूचना प्राप्त होते ही सारे मामलें की जांच के लिए सिटी मजिस्ट्रेट और डीआईओएस के टीमों को कालेज भेजा हैं। साथ ही जांच के बाद ही कार्यवाही करने की बात को कहा है।   - जिलाधिकारी को जैसे ही इस खबर की जानकारी मिली तो तत्काल जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट और डीआईओस को जाँच के लिए भेज दिया। हालांकि मामले की जाँच करने पहूँचे सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर जाँच करने पहूँचे है, छात्रों को समझाकर क्लास में बैठा गया है मामला शान्त हो गया है। 

- वहीं छात्रों का आरोप था कि उनके नाम काट दिए जायेगे लेकिन जाँच में ऐसा कुछ भी सामने नही आया है। वही स्कूल में अन्दर घुसने से मना करने के बाबत सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि विघालय प्रबन्धन का कहना है अनुशासन के लिए ऐसा किया गया था लेकिन ऐसा कुछ भी नही है, सवाल ये उठता है कि जाँच करने पहूँचे सीटी मजिस्ट्रेट छात्रो के हितो की बात न करके कालेज के प्रिन्सिपल की बात कर रहे है जो सावलो के घेरे में है।