VIDEO: योगी राज में ये है पुलिसवालों का रेट कार्ड, धड़ल्ले से करा रहे हैं तस्करी का गोरखधंधा

अमितेश सिंह, गाजीपुर (26 जून): यूपी के गाजीपुर से हैरान करने वाली खबर आई है। यहां पशु तस्करी के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। पकड़े गए पशु तस्करों का दावा है कि यूपी के आजमगढ़ से लेकर बिहार तक पशु तस्करों की गाड़ियां धडल्ले से दौड़ती है और पुलिसवाले हरे हरे नोटों की माया के आगे आंखें बंद कर लेते हैं।


हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार तड़के कई ऐसे ट्रकों को रोका, जिसमें उन्हें दुधारू पशुओं के भरे होने की खबर मिली थी। अब्दुल हमीद सेतु पर हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने 8 ट्रकों को रुकवाया। जिसमें दुधारु पशुओं को बिहार ले जाया जा रहा था। इसमें गाएं और भैंसे थीं। इसके बाद हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने फौरन पुलिस को खबर दी।


पशु तस्कर ने पुलिस चौकी की तरफ से लिए जानेवाले चढ़ावे यानी रिश्वत का बकायदा रेट कार्ड बताया। इसके मुताबिक आजमगढ़ से पशुओं को ट्रकों में भरने के बाद

आजमगढ़ की मुबारकपुर पुलिस चौकी को 1700 रुपए दिए जाते हैं

जहानागंज चौकी को 400 रुपए

चिरैयाकोट-मऊ की चौकी को 500 रुपए

सरसेना -मऊ पुलिस चौकी को 200 रुपए

दुल्लहपुर -गाजीपुर चौकी को  500 रुपए

जंगीपुर को 500 रुपए

जमानिया मोड़ चौकी पर 200 रुपए

लोटनईमली चौकी को 100 रुपए

रजागंज चौकी को 200 रुपए

सुहवल को 200 रुपए

बारा पुलिस चौकी को 200 रुपए की रिश्वत दी जाती है।


पशु तस्करों का दावा है कि बिहार के बॉर्डर पर चौसा पुलिस चौकी को 100 का चढ़ावा चढ़ाने के बाद धड़ल्ले से वो यूपी से बिहार पहुंच जाते हैं। पशु तस्करों के खुलासे के मुताबिक, यूपी के आज़मगढ़ से बिहार के अलग-अलग जगहों पर पहुंचने के लिए जानवरों से भरे हर ट्रक पर 6 हजार रुपए बतौर रिश्वत देने पड़ते हैं और इसके बाद उन्हें कोई नहीं रोकता।


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