अनुसूचित जाति पर अत्याचार में यूपी नंबर वन, राजस्थान और बिहार भी पीछे नहीं

नई दिल्ली (31 अगस्त): साल 2015 में अनुसूचित जाति के समुदाय पर अत्याचार से जुड़े सबसे अधिक 8358 मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए, जबकि राजस्थान में 6998 और बिहार में 6438 मामले दर्ज किए गए। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की तरफ से जारी आंकड़ों से यह सामने आया है।

आधिकारिक बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय स्तर पर 2014 की तुलना में 2015 में अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों पर अत्याचार के मामलों में 4.4 फीसद कमी आई है। साल 2015 में दलितों पर अत्याचार के 45003 मामले दर्ज किए गए  जबकि 2014 में यह संख्या 47064 थी।

एनसीआरबी के आंकड़ों से पता चलता है कि केन्द्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय राजधानी में सबसे अधिक 54 मामले दर्ज किए गए, जबकि पुदुचेरी में पांच, दमन और दीव में दो दो और चंडीगढ़ में एक मामला दर्ज किया गया है।