कुंभकर्ण की तरह से सो रहे हैं यूपी, हरियाणा और राजस्थान: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली (13 दिसंबर): सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि इन राज्यों की सरकारें कुंभकरण की तरह सो रही थी और अब कोर्ट पर पेट कोक और फर्नेस ऑयल के उपयोग का आदेश देने का दोष मढ रही हैं। जस्टिस मदन बी लोकूर और जस्टिस दीपक गुप्ता ने इन राज्यों द्वारा ऐसा माहौल बनाने पर कड़ी आपत्ति की कि शीर्ष अदालत ने उन्हें नोटिस दिए बगैर ही यह आदेश पारित किया। नाराज पीठ ने कहा कि क्या इन राज्यों को नींद से जगाने का काम भी न्यायालय का है।

पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की ओर से अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल एएनएस नाडकर्णी ने तुरंत ही जवाब दिया कि केन्द्र ने ऐसा कुछ नहीं कहा है। परंतु वही कहा है जो इन राज्यों ने पेट कोक और फर्नेस आयॅल के उपयोग पर प्रतिबंध के मसले पर अपने प्रतिवेदन में कहा है।

पीठ ने कहा, ‘‘वे ऐसा कैसे कह सकते हैं कि ये नोटिस के बगैर हुआ। उन्होंने न्यायालय पर दोष मढ़ने का आरोप लगाना शुरू कर दिया है जबकि वे खुद कुंभकरण की तरह सो रहे थे.’’ रामायण की कथा में रावण का छोटा भाई कुंभकरण एक बार में छह महीने तक सोता रहता था।

राजस्थान की ओर से अतिरिक्त सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह इस मामले को देखेंगे और पीठ को आश्वासन दिया कि यह अंश वापस ले लिया जाएगा। हरियाणा और उत्तर प्रदेश के वकीलों ने भी कहा कि वे इस संबंध में अपने हलफनामे दाखिल करेंगे। पीठ ने कहा, ‘‘हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान ने स्वेच्छा से हलफनामे दाखिल करके इस तथ्य को हटाने की बात कही है कि 24 अक्तूबर का आदेश इन राज्यों को नोटिस दिये बगैर ही पारित किया गया था।’’ पीठ ने इसके साथ ही उन्हें दो सप्ताह के भीतर हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया।