पुरानी पेंशन स्कीम की मांग को लेकर योगी सरकार की मुसीबत बढाएंगे 40 लाख कर्मचारी, लगा एस्मा

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (6 फरवरी): लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश के शिक्षक, लेखपाल संघ व अन्य कर्मचारी एकजुट हो गए हैं और 6 फरवरी को हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। इस हड़ताल में करीब 40 लाख प्रदेश सरकार के कर्मचारी शामिल होंगे। वहीं हालात से निपटने के लिए राज्य की योगी सरकार ने एस्मा लगा दिया है। ये कर्मचारी राज्य में पुरानी पेंशन स्कीम समेत कई मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने सोमवार रात को इस मामले को लेकर अधिकृत सूचना जारी कर दी।

हड़ताल के जरिए सरकार को घेरने के लिए एक साथ आए सभी संगठनों का कहना है कि, पेंशन बहाली को लेकर अफसर पिछले दो महीने से कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं। 6 फरवरी से प्रदेश के 40 लाख कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। क्योंकि सरकार पेंशन बहाली को लेकर कोई उचित कदम नहीं उठा रही है।

आपको बता दें किआवश्‍यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्‍मा) हड़ताल को रोकने के लिए लगाया जाता है। इसके उल्लंघन करने पर पुलिस किसी को भी गिरफ्तार कर सकती है। इस मामले को लेकर आधिकारिक सुचना जारी करते हुए सरकार ने सभी हड़ताल और बंद को गैरकानूनी बताया है। आवश्‍यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्‍मा) 1968 के तहत आवश्यक सेवाओं की लम्बी लिस्ट जैसे कि टेलीफोन, रेलवे,एयरपोर्ट, और बंदरगाह में काम करने वाले कर्मचारियों को हड़ताल करने की मनाही होती है। इस कानून का विरोध करने पर जेल की सजा भी हो सकती है और एक साल तक कैद भी हो सकताी है।  जुर्माने का भी प्रावधान है। एस्‍मा लागू होने के बाद अगर कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो वह अवैध‍ एवं दंडनीय है। एस्‍मा लागू होने के बाद इस आदेश से संबंधित किसी भी कर्मचारी को बिना किसी वारंट के गिरफ्तार किया जा सकता है।