योगी आदित्यनाथ के खिलाफ 22 साल पुराना केस वापस लेगी यूपी सरकार

नई दिल्ली (28 दिसंबर): उत्तर प्रदेश सरकार ने योगी आदित्यनाथ के लिए 22 पुराना केस वापस लेने का फैसला किया है। इस संबंध में प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक की अनुमति के बाद आदेश जारी कर दिया गया है। इस आदेश के बाद अब योगी आदित्यनाथ सहित 13 अन्य लोगों के खिलाफ गोरखपुर के पीपीगंज थाने में दर्ज केस वापस ले लिए जाएंगे। जिनमें योगी के अलावा केंद्रीय मंत्री शिवप्रताप शुक्ल भी शामिल हैं।

योगी आदित्यनाथ सहित इन 13 लोगों पर 1995 में निषेधाज्ञा लागू होने पर भी धरना-प्रदर्शन करने के कारण केस दर्ज किया गया था। योगी के खिलाफ मामले में गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया था। निषेधाज्ञा उल्लंघन मामले में ही योगी के अलावा राकेश सिंह पहलवान, कुंवर नरेंद्र सिंह, समीर कुमार ‌सिंह, शिवप्रताप शुक्ला, विश्वकर्मा द्विवेदी, शीतल पाण्‍डेय, विभ्राट चंद्र कौशिक, उपेन्द्र शुक्ला शम्‍भूशरण सिंह, भानुप्रताप सिंह, ज्ञान प्रताप शाही, रमापति त्रिपाठी के खिलाफ केस दर्ज हुआ था।

अब राज्य सरकार द्वारा आदेश जारी किए जाने के बाद मुकदमा वापस लेने के ‌लिए कोर्ट में अप्लीकेशन दिया जाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले 21 दिसंबर को प्रदेश की विधानसभा में कहा था कि जनप्रतिनिधियों समेत राजनीतिक लोगों के खिलाफ तमाम राजनीतिक मुकदमे दर्ज हो जाते हैं। 106/107 समेत कई केस ऐसे होते हैं जिनके दर्ज होने का पता तब चलता है जब वारंट आता है। ऐसे मामलों में कई बार गैर जमानती वारंट जारी हो जाते हैं। राज्य सरकार ऐसे 20 हजार मुकदमों को समाप्त करने जा रही है।