'अम्मा कैंटीन' की तरह यूपी में खुलेगी 'प्रभु की रसोई'

नई दिल्ली(3 अगस्त): तमिलनाडु में 'अम्मा कैन्टीन' की तर्ज पर उत्तर प्रदेश सरकार गरीब वर्ग को बेहद कम दाम में भोजन उपलब्ध कराने के लिए 'प्रभु की रसोई' खोलने जा रही है। इस तरह की पहली रसोई का उद्घाटन सहारनपुर में 9 अगस्त को किया जाएगा। इस रसोई से लगभग 300 लोगों को भोजन मिलेगा।

- उत्तर प्रदेश सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर राज्य में 500 करोड़ रुपये से अधिक की नेटवर्थ और 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर वाली सभी कंपनियों को अपनी इनकम का दो पर्सेंट साक्षरता दर बढ़ाने, युवाओं को स्किल्स सिखाने और महिलाओं को सशक्त करने के साथ ही राज्य में प्रत्येक व्यक्ति को दिन में कम से कम सम्मानजक भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने जैसी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी पर खर्च करने के लिए कहा था।

- सहारनपुर के कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि 'प्रभु की रसोई' योजना को सफल बनाने के लिए सिविल सोसाइटी और इंडस्ट्री की मदद ली जा रही है। हमने कारोबारियों से गरीब लोगों को भोजन उपलब्ध कराने में योगदान देने के लिए कहा था और उस पर अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। राज्य में ऐसे स्थान हैं, जहां गरीब लोगों को मुफ्त भोजन दिया जाता है, लेकिन एक ऐसी सुविधा बनाना महत्वपूर्ण है जहां उन्हें सम्मान के साथ भोजन मिले। हम यह पक्का करना चाहते हैं कि भोजन यहां तैयार किया जाए और पौष्टिक हो। 

- राज्य सरकार ने सहारनपुर में नगर निगम के दो हॉल्स का इस्तेमाल इस रसोई के लिए करने की अनुमति दी है। SMC फूड्स नाम की एक कंपनी ने रसोई को शुरू करने के सभी खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली है। इनमें गैस सिलिंडर लगाना भी शामिल है। सहारनपुर के क्लास वन अधिकारियों ने पहले महीने में रसोई का खर्च चलाने के लिए प्रति अधिकारी 2,100 रुपये देने का वादा किया है। शुरुआत में इस रसोई में लगभग 300 लोगों को दोपहर 12 से 2 बजे तक चावल, सब्जी और दाल परोसी जाएगी। रसोई के लिए रोटी बनाने वाली मशीनों का ऑर्डर दिया गया है और इनके आने के बाद लोगों को रोटी भी परोसी जाएगी।