UP का चुनावी 'दंगल', जानिए पश्चिमी यूपी में पहले चरण की 73 सीटों की पूरी जानकारी

डॉ. संदीप कोहली,नई दिल्ली (10 फरवरी): पिछले 35 दिनों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 73 सीटों पर जारी चुनावी प्रचार का शोरगुल गुरुवार शाम 5 बजे थम गया... सियासी अखाड़े में तमाम राजनीतिक दलों के दिग्गजों ने अपनी-अपनी किस्मत आजमाने के लिए कमर कस ली है... कल यानी 11 फरवरी को 15 जिलों की 73 सीटों पर पहले चरण का मतदान होने जा रहा है... शाम 5 बजे के बाद इन दिग्गजों की किस्मत EVMs में बंद हो जाएगी... पश्चिमी उत्तर प्रदेश जहां जाट और मुस्लिम बहुल आबादी है, देखना होगा किस और रूख करती हैं... 2012 विधानसभा चुनावों में जहां सपा और बसपा को यहां बराबर की सीटें मिलीं थीं वहीं 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने क्लीन स्वीप कर दी थी... 2014 चुनावों में ये ही जमीन वोटों के ध्रुवीकरण की प्रयोगशाला भी बनी... जिसमें राजनीतिक दल देर-सेवर प्रयोग करते रहते हैं... आइए नजर डलाते हैं पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 73 सीटों के राजनीतिक समीकरण पर...

    * पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 73 सीटों पर 11 फरवरी को मतदान होगा।    * 73 सीटों के लिए 2.60 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे।    * इसमें 1.42 करोड़ पुरूष और 1.17 करोड़ महिलाएं मतदाता हैं।    * 18 से 19 साल के बीच के मतदाताओं की संख्या भी 24 लाख से ऊपर है।    * 73 सीटों पर 839 उम्मीदवार मैदान में हैं जिसमें 77 महिला उम्मीदवार हैं।    * बसपा और बीजेपी ने 73 सीटों पर तो आलएलडी ने 57 सीटों पर उतरी है।    * पहली बार बने गठबंधन से कांग्रेस ने 24 और सपा ने 51 पर प्रत्याशी खड़े किए हैं।    * इस बार सबसे ज्यादा 26 उम्मीदवार आगरा दक्षिण सीट से मैदान में हैं।    * पहले चरण में सबसे बड़ा मतदान क्षेत्र साहिबाबाद विधानसभा है।    * पहले चरण में कुल मतदान केंद्र 26,823 हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसको कितनी सीटें मिलीं थी...    * पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में 140 विधानसभा सीटें आती है।    * पहले चरण में 73 सीटों पर 11 फरवरी को मतदान होगा।    * दूसरे चरण में बची 67 सीटों पर 15 फरवरी को मतदान होगा।    * 2012 विधानसभा चुनाव में इस रिजन में सपा और बसपा का बोलबाला रहा।    * बीजेपी-21 सीटें, कांग्रेस-8 सीटें, सपा-58 सीटें, बसपा-42 सीटें, आरएलडी-9 और 2 अन्य को मिलीं।    * पहले चरण की सीटों पर बसपा, सपा को 24 तो बीजेपी को 11, कांग्रेस को 5 और आरएलडी को 9 सीटें मिली थीं    * दूसरे चरण की सीटों पर सपा को 34, बसपा को 18, बीजेपी को 10, कांग्रेस को 3, 2 सीटें अन्य को गई।पहले चरण में 15 जिलों की 73 सीटों पर मतदान, क्या है इन सीटों का समीकरण...2012 चुनाव परिणाम: बीजेपी-11, कांग्रेस-5, सपा-24, बसपा-24, आरएलडी-9    * शामली-3 सीटें 

कैराना (8)- बीजेपीथाना भवन (9)- बीजेपीशामली (10)- कांग्रेस

(सीटें- बीजेपी-2, कांग्रेस-1) (वोट प्रतिशत- कांग्रेस/आरएलडी-22, बीजेपी-20, सपा-22, बसपा-27 )    * मुजफ्फरनगर- 6 सीटें 

बुधाना (11)- सपा (मुस्लिम)चरथावल (12)- बसपा (मुस्लिम)पुरकाजी (एससी) (13)- बसपामुजफ्फरनगर (14)- सपाखटऊली (15)- आरएलडीमीरापुर (16)- बसपा (मुस्लिम)

(सपा-2, बसपा-3, आरएलडी-1) (वोट प्रतिशत- कांग्रेस/आरएलडी-22, बीजेपी-20, सपा-22, बसपा-27 )    * बागपत- 3 सीटें 

छपरऊली (50)- आरएलडीबराऊत (51)- बसपाबागपत (52)- बसपा

( बसपा-2, आरएलडी-1 )  (वोट प्रतिशत- कांग्रेस/आरएलडी-37, बीजेपी-3, सपा-15, बसपा-35)    * मेरठ- 7 सीटें 

सिवालखास (43)- सपा (मुस्लिम)सरधाना (44)- बीजेपीहस्तिनापुर (एससी) (45)- सपाकिथोर (46)- सपा (मुस्लिम)मेरठ कैंट (47)- बीजेपीमेरठ (48)- बीजेपीमेरठ साउथ (49)- बीजेपी

( बीजेपी-4, सपा-3 ) (वोट प्रतिशत- कांग्रेस/आरएलडी-20, बीजेपी-24, सपा-25, बसपा-23)    * गाजियाबाद- 5 सीटें 

लोनी (53)- बसपा (मुस्लिम)मुरादनगर (54)- बसपा (मुस्लिम)शाहिबाबाद (55)- बसपागाजियाबाद (56)- बसपामोदी नगर (57)- आरएलडी

( बसपा-4, आरएलडी-1 )  (वोट प्रतिशत- कांग्रेस/आरएलडी-22, बीजेपी-20, सपा-18, बसपा-32)    * गौतम बुद्ध नगर- 3 सीटें 

नोएडा (61)- बीजेपीदादरी (62)- बसपाजेवर (63)- बसपा

( बीजेपी-1, बसपा-2 ) (वोट प्रतिशत- कांग्रेस/आरएलडी-22, बीजेपी-20, सपा-18, बसपा-32)    * हापुड़- 3 सीटें 

ढोलना (58)- सपाहापुड़ (एससी) (59)- कांग्रेसगढ़मुक्‍तेश्‍वर (60)- सपा

(सपा -2, कांग्रेस-1 ) (वोट प्रतिशत- कांग्रेस/आरएलडी-22, बीजेपी-20, सपा-18, बसपा-32)    * बुलंदशहर- 7 सीटें 

सिकंदराबाद (64)- बीजेपीबुलंदशहर (65)- बसपा (मुस्लिम)सयाना (66)- कांग्रेस (मुस्लिम)अनूपशहर (67)- बसपादेबई (68)- सपाशिकारपुर (69)- सपाखुरजा (एससी) (70)- कांग्रेस

(सपा-2, बसपा-2, कांग्रेस- 2, बीजेपी-1)  (वोट प्रतिशत- कांग्रेस/आरएलडी-20, बीजेपी-13, सपा-19, बसपा-27)    * अलीगढ़- 7 सीटें 

खैर (एससी) (71)- आरएलडीबरउली (72)- आरएलडीअटरौली (73)- सपाछार्रा (74)- सपाकोइल (75)- सपा (मुस्लिम)अलीगढ़ (76)- सपा (मुस्लिम)इगलास (एससी) (77)- आरएलडी

( सपा-4, आरएलडी-3 ) (वोट प्रतिशत- कांग्रेस/आरएलडी-26, बीजेपी-12, सपा-19, बसपा-24)    * मथुरा- 5 सीटें 

छाता (81)- आरएलडीमान्‍त (82)- आरएलडीगोवर्धन (83)- बसपामथुरा (84)- कांग्रेसबलदेव (एससी) (85)- आरएलडी

( बसपा-1, कांग्रेस-1, आरएलडी-3 )  (वोट प्रतिशत- कांग्रेस/आरएलडी-36, बीजेपी-14, सपा-8, बसपा-25)    * हाथरस- 3 सीटें 

हाथरस (एससी) (78)- बसपासदाबाद (79)- सपासिकंदराराव (80)- बसपा

( बसपा-2, सपा-1 ) (वोट प्रतिशत- कांग्रेस/आरएलडी-26, बीजेपी-12, सपा-19, बसपा-24)    * आगरा- 9 सीटें 

एत्मादपुर (86)- बसपाआगरा कैंट (एससी) (87)- बसपाआगरा दक्षिण (88)- बीजेपीआगरा उत्तर (89)- बीजेपीआगरा ग्रामीण (90)- बसपाफतेहपुर सिकरी (91)- बसपाखेरागढ़ (92)- बसपाफतेहाबाद (93)- बसपाबाह (94)- सपा

( बसपा-6, सपा-1, बीजेपी-2 )  (वोट प्रतिशत- कांग्रेस/आरएलडी-12, बीजेपी-18, सपा-25, बसपा-33)    * फिरोजाबाद- 5 सीटें 

टुंडला (एससी) (95)- बसपाजसराना (96)- बीजेपीफिरोजाबाद (97)- सपा (मुस्लिम)शिकोहाबाद (98)- सपासिरसागंज (99)- सपा

( बसपा-1, सपा-3, बीजेपी-1 )  (वोट प्रतिशत- कांग्रेस/आरएलडी-2, बीजेपी-15, सपा-41, बसपा-29)    * ऐटा- 4 सीटें 

अलीगंज (103)- सपाऐटा (104)- सपामतहारा  (105)- सपाजलेसर (एससी)  (106)- सपा

( सपा-4 )  (वोट प्रतिशत- कांग्रेस/आरएलडी-9, बीजेपी-9, सपा-32, बसपा-22)    * कासगंज- 3 सीटें 

कासगंज   (100)- सपाअमनपुर   (101)- बसपापटियाली  (102)- सपा (मुस्लिम)

( सपा-2, बसपा-1 ) (वोट प्रतिशत- कांग्रेस/आरएलडी-26, बीजेपी-12, सपा-19, बसपा-24)इन 73 सीटों में से तीन सीटों पर बदला समीकरण...    * तीन सीटों पर फेरबदल हुआ था, मथुरा की मांट सीट उपचुनाव के दौरान बीजेपी के खाते में आ गई थी।    * वहीं मथुरा की गोवर्धन सीट से आरएलडी विधायक अब बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।    * इसी तरह से अलीगढ़ की बरौली विधानसभा से आरएलडी विधायक भी अब बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जातीय समीकरण...    * पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हिंदू आबादी 72.6 फीसदी और मुसलमान 26 फीसदी हैं।    * हिंदूओं में जाटों की आबादी सबसे ज्यादा लगभग 20 फीसदी है।    * पश्चिमी यूपी में करीब 27 सीटें ऐसी हैं जहां जाट वोटर निर्णायक हैं।    * मथुरा में 29 फीसदी, आगरा-बुलंदशहर में 22, मेरठ, हाथरस और अमरोहा में 15।    * बागपत में 27, गाजियाबाद-शामली में 20 मुज्जफरनगर में 23 फीसदी वोटर्स जाट हैं।    * दलित 25 फीसदी, यादव 7 फीसदी, राजपुत 8 फीसदी और गुर्जर 4 फीसदी है।

इस बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जाट गुस्से में...    * 2014 लोकसभा चुनाव में जाटों ने बीजेपी को झोली भरकर वोट दिए थे।    * आज वो जाट आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार से नाराज चल रहा हैं।    * जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक के मुताबिक मुद्दा जाट आरक्षण है।     * पीएम ने मार्च 2015 में वादा किया कि 5-6 महीने में करा दूंगा लेकिन मिली गोलियां।    * इससे जाटों का गुस्सा भड़क गया, हरियाणा के साथ यूपी का जाट भी गुस्से में है।     * बीजेपी को इस गुस्से का अंदाजा है, यही कारण है बड़ी संख्या में जाटों को उम्मीदवार बनाया है।    * दूसरी तरफ चौधरी अजित सिंह के आरएलडी की राजनीति जाटों के इर्द-गिर्द घुमती है।    * जाट वोट आरएलडी का परंपरागत वोट माना जाता है 2012 में 9 सीटें मिली थी।    * लेकिन 2014 में पश्चिमी यूपी में ध्रुविकरण के चलते ये वोट खिसक गया था।    * चौधरी अजित सिंह के पास इस बार मौका है जाट वोटों को अपनी ओर करने का।पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मुसलमान किस तरफ...    * उत्तर प्रदेश की 143 सीटों पर मुस्लिम मतदाता अपना असर रखते हैं।    * इनमें से 70 सीटों पर मुस्लिम आबादी 20 से 30 फीसद के बीच है।    * 2012 चुनाव में इसमें से सपा को 37 और बसपा को 13 सीटें मिली थी।    * 73 सीटें ऐसी हैं जहां मुसलमान 30 फीसद से ज्यादा है।    * 2012 चुनाव में इसमें से 35 पर सपा, 13 पर बसपा और 6 पर कांग्रेस जीती।    * पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 54 सीटें ऐसी हैं जहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 15 से 30 फीसदी है।    * पूरे यूपी में 50 तो पश्चिम यूपी में 20 सीटें ऐसी हैं जहां मुस्लिम वोटर निर्णायक हैं।    * मुजफ्फरनगर में 38 फीसदी मुस्लिम हैं तो मेरठ में 32, बागपत में 24, गाजियाबाद में 23 अलीगढ़ में 17 फीसदी है।    * 2012 चुनावों में 64 मुस्लिम उम्मीदवार विधानसभा पहुंचे जिसमें से सबसे ज्यादा पश्चिमी यूपी से थे।    * 2012 के चुनाव में 140 सीटों में से 35 सीटों से मुसलमान जीते थे।    * इस बार अससुद्दीन ओवैसी भी ‘ओवैसी फैक्टर’ पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।    * ओवैसी ने एआईएमआईएम की पहली सूची में 11 नाम जारी किए जिसमें से पहले चरण में 4 उम्मीदवार हैं।2014 लोकसभा चुनावों में बीजेपी को हुआ था जबरदस्त फायदा...    * अगस्त 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगे के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश दो वर्गों में बंटा हुआ नजर आया था।    * पश्चिमी यूपी में ध्रुवीकरण के प्रभाव इतना चरम पर पहुंच गया था कि बीजेपी को छोड़ सभी दल पीट गए।    * पश्चिमी यूपी का 72.6 प्रतिशत हिंदू जो जातियों में बंटा हुआ था, वो हिंदू हो गया, बीजेपी को इसका फायदा मिला।    * बीजेपी ने मायावती के 25 फीसदी दलित और आरएलडी के 20 फीसदी जाट वोटबैंक में सेंध लगा दी।    * पश्चिमी यूपी में 26 फीसदी मुस्लिम वोटबैंक पर 72.6 फीसदी हिंदू वोटबैंक हावी हो गया।मुजफ्फरनगर दंगों में जिनका उछला नाम उनको भी मिली टिकट...    * थानाभवन- सुरेश राणा वेस्ट यूपी में बतौर हिंदुत्व फेस के तौर पर हैं आरएसएस के करीबी, मुजफ्फरनगर दंगों में भडकाऊ भाषण देने के आरोप    * सरधाना- संगीत सोम की छवि बतौर कट्टर हिंदूवादी नेता की। कैराना पलायन को जोर-शोर से उठाया, मुजफ्फरनगर दंगों में हिंसा भड़काने के आरोप है।    * खतौल-  विक्रम सैनी उस कवाल गांव के रहने वाले हैं जहां से मुजफ्फरनगर दंगे की चिंगारी निकली थी,  सैनी करीब एक साल तक रासुका के तहत जेल में बंद थे।    * बुढ़ाना- उमेश मलिक को मैदान में उतारा है, दंगों के दौरान उमेश मलिक को शांति भंग की आशंका में संजीव बालियान के साथ गिरफ्तार किया गया था।    * मुजफ्फरनगर सदर-  कपिल देव अग्रवाल संघ बैकग्राउंड से हैं, स्थानीय स्तर पर उनकी छवि भी बतौर हिंदूवादी नेता के तौर पर है।    * बिजनौर- चर्चित पेंदा कांड के आरोपी मौसम चौधरी की पत्नी सूचि चौधरी को हिंदू-मुस्लिम समीकरण के आधार पर टिकट दिया है।पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुख्य मुद्दे...    * प्रथम चरण में पश्चिमी यूपी के चुनाव में मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने का भी खेल चल रहा है।    * कैराना से पलायन का मुद्दा उठाकर हुकुम सिंह भी मुजफ्फरनगर माड्यूल को ही धार देते रहे हैं।    * पश्चिमी यूपी में मुजफ्फरनगर में 2013 में हुए साम्प्रदायिक दंगों ने राजनीति ही बदल दी।    * जिसके बाद आसपास के क्षेत्रा में आज भी  छोटी मोटी साम्प्रदायिक घटनाएं होती रहती हैं।    * इसके अलावा विकास का मुद्दे बिजली पानी सड़क की समस्याओं को लेकर मामला उठाता रहा है।    * पश्चिमी यूपी में कानून व्यवस्था भी एक बडा मुद्दा है, दलितों के खिलाफ हिंसा के मामले बढ़े।    * गन्ना बेल्ट वाले इस क्षेत्र में किसानों के बकाए भुगतान की भी समस्या बहुत बड़ा है।    * चीनी मिलों में पेराई का काम न हो पाने के कारण आए दिन गन्ना किसान परेशान हैं।प्रथम चरण के दिग्गज उम्मीदवार...    * केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह नोएडा सीट से चुनाव लड़े रहे हैं।    * राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के पोते संदीप कुमार सिंह अलीगढ़ की अतरौली से हैं।    * प्रथम चरण में सबसे दिलचस्प मुकाबला मथुरा सीट पर माना जा रहा है।    * कांग्रेस से तीन बार विधायक रहे प्रदीप माथुर का मुकाबला भाजपा के पार्टी सचिव श्रीकान्त शर्मा से है।    * मेरठ सदर सीट से भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेई की साख भी दांव पर लगी है।    * किठोर से मंत्री शाहिद मंजूर, मेरठ दक्षिणी से पूर्व मंत्री हाजी मोहम्मद याकूब मैदान में हैं।    * मुजफ्फरनगर सदर से पूर्व मंत्री चितरंजन स्वरूप के पुत्र गौरव स्वरूप बंसल मैदान में हैं।    * मुजफ्फरनगर की खतौली सीट से राष्ट्रीय लोकदल के शाहनवाज राणा चुनाव मैदान में हैं।    * कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह चुनाव लड़ रही हैं।    * राजा अरिदमन सिंह की पत्नी रानी पक्षलिका सिंह आगरा के बाह सीट से चुनाव मैदान में हैं।    * बुलन्दशहर से पूर्व मंत्री वीरेन्द्र सिंह सिरोही और श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित चुनाव लड़ रहे हैं।    * गाजियाबाद के लोनी से बहुचर्चित मदन भैया राष्ट्रीय लोकदल से चुनाव लड़ रहे हैं।पहले चरण में कितने करोड़पति, अपराधी और पढ़े-लिखे मैदान में...    * प्रथम चरण में कई करोड़पति उम्मीदवार उतरे हैं तो कई के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।    * प्रथम चरण में 302 उम्मीदवार करोड़पति हैं जबकि 168 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।    * एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी एडीआर की एक रिपोर्ट से हुआ हे बड़ा खुलासा।    * प्रथम चरण में एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक 836 उम्मीदवारों में 302 करोड़पति हैं।    * बीएसपी के 66, बीजेपी के 61, एसपी के 40, कांग्रेस के 18 और आरएलडी के 41 करोड़पति हैं।    * 293 निर्दलीय उम्मीदवारों में 43 ने एक करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति घोषित की है।    * यूपी चुनाव के पहले चरण में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2.81 करोड़ रुपये है।    * एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक 836 में से 168 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।    * रिपोर्ट में कहा गया है कि 143 उम्मीदवारों पर हत्या, अपहरण जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।    * 48 फीसदी उम्मीदवार ऐसे हैं जो सिर्फ 12 तक पढ़े हैं।    * 65 उम्मीदवार ने खुद को केवल साक्षर बताया 15 अनपढ़ हैं।    * 5वीं पास 25, 12वीं पास 152, स्नातक 133 और पीजी 70 हैं।पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिग्गजों की रैलियां

पीएम मोदी की रैलियां8 फरवरी- गाजियाबाद- पीएम मोदी अखिलेश बताएं कि उत्‍तर दिए बिना UP को उत्‍तम प्रदेश कैसे बनाएंगे5 फरवरी- अलीगढ़- पीएम नरेंद्र मोदी बोले - विकास का मतलब, बिजली, कानून , सड़क4 फरवरी- मेरठ- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले - ये चुनाव 'SCAM' के खिलाफ भाजपा की लड़ाई हैराहुल गांधी की रैलियां8 फरवरी- गाजियाबाद- बोले- मैं चाहता हूं कि ओबामा बेडशीट खरीदें और उस पर मेड इन उत्तर प्रदेश लिखा हो8 फरवरी- बुलंदशहर- दो युवा और दो पार्टी एक मंच पर खड़े होकर यूपी की सूरत बदल देंगे8 फरवरी- हाथरस- कहा पीएम मोदी से मिलकर किसानों का कर्जा माफ करने की मांग की थी7 फरवरी- मेरठ- राहुल अखिलेश की रैली सपा-कांग्रेस ने हाथ क्‍या मिलाया, एक सेंकेंड बाद आंधी आ गई।5 फरवरी- सहारनपुर- 'मैं हिंदी और उर्दू का दोआब हूं, मैं वो आईना हूं जिसमें आप हैं'3 फरवरी- आगरा- आगरा में राहुल गांधी और अखिलेश यादव का साझा रोड शोअखिलेश की रैलियां9 फरवरी- मथुरा- नोटबंदी से हुईं मुश्किलें, लाइन में लगने के दौरान बच्‍चे तक का जन्‍म हुआ।7 फरवरी- अलीगढ़- पीएम मोदी को अखिलेश यादव का शायराना जवाब, 'हमें आता है 'आंधी' के बीच साइकिल चलाने का हुनर।7 फरवरी- मेरठ- राहुल अखिलेश की रैली, अखिलेश ने कहा हमने स्मार्ट सूची में डाला मेरठ का नाम।7 फरवरी- मेरठ और हापुड़ में 6 जनसभाओं को संबोधित किया मेरठ,गढ़ मुक्तेश्वर,किठौर,हस्तिनापुर,सरधना,सिवालखास।2 फरवरी- मुजफ्फरनगर- नोटबंदी, बजट और पश्चिमी यूपी से लोगों के पलायन के मुद्दे को उठाया।मायावती की रैलियां8 फरवरी- बदायूं- यूपी की सपा सरकार में मुज्जफरनगर ,मथुरा,दादरी में दंगे हुए है। आतंक का माहौल है।7 फरवरी- गाजियाबाद- मायावती ने कहा भाजपा सरकार आई तो खत्म कर देगी आरक्षण।6 फरवरी- आगरा- बीजेपी, शोषण करने वाली सरकार,सपा सरकार में गुंडाराज कायम।3 फरवरी- मुजफ्फरनगर- मायावती ने कहा कि सपा दो खेमों में बंटी हुई है। ये दोनों खेमे एक दूसरे को हराएंगे।2 फरवरी- बुलंदशहर- कांग्रेस ने भी सपा से हाथ मिला लिया, क्योंकि वो अपनी गलत नीति के चलते गायब हो रही है।