सातवें चरण में इन दिग्गज नेताओं की दांव पर है साख !

नई दिल्ली (7 मार्च): यूपी का सियासी दंगल अपने चरम पर है। कल सातवें और अंतिम चरण के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के 7 जिलों की 40 सीटों पर मतदान होने वाला है। वैसे तो इस चरण में कुल 535 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं लेकिन इनमें से कुछ दिग्गज ऐसे हैं जिनकी साख दांव पर लगी हुई है।

- वाराणसी की पिंड्रा सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता अजय राय की साख दांव पर लगी है। गौरतलब है कि अजय राय साल 2014 के लोकसभा चुनाव में वारणसी सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़े थे।

- बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के भाई सिबगतुल्ला अंसारी की साख भी इस चुनाव में दांव पर लगी हुई है। सिबगतुल्ला को इस बार बहुजन समाज पार्टी ने मोहम्‍मदाबाद सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है।

- मोहम्मदाबाद सीट पर मुख्तार अंसारी के भाई सिबगतुल्लाह के खिलाफ बीजेपी की अलका राय चुनाव लड़ रही हैं। अलका राय के पति और विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के आरोप में मुख्तार अंसारी जेल में बंद है।

- जौनपुर के मल्हनी सीट से निषाद पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे पूर्व सांसद धनंजय सिंह की साख भी इस चुनाव में दांव पर लगी हुई है। कभी बीएसपी से सांसद रहे धनंजय इस बार निर्बल इंडियन शोषित हमारा आमदल पार्टी के टिकट पर लड़ रहे हैं।

2017 के विधानसभा चुनाव में वाराणसी की शहर दक्षिणी सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीलकंठ तिवारी पर भी लोगों की नजर जमी हुई है. क्योंकि इस सीट पर बीजेपी के दिग्गज नेता श्यामदेव रॉय चौधरी सात बार विधायक रह चुके हैं।

वहीं सुशील सिंह, उपेंद्र सिंह गुड्डू,विजय मिश्रा, विनीत सिंह और पारस नाथ यादव जैसे बाहुबली छवि वाले उम्मीदवार भी मैदान में उतरे हैं।