सच या झूठ: योगी का 'नोट के बदले वोट' वाला वायरल वीडियो

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (26 मार्च): चुनाव से ऐन पहले योगी आदित्यनाथ का एक हैरान कर देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो के साथ चल रही वायरल खबर में दावा किया जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में बीजेपी को वोट देने के लिए खुलेआम नोट बंटवा रहे हैं।

चुनाव से ऐन पहले सोशल मीडिया पर योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो जबर्दस्त तरीके से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के बारे में लिखा और कहा जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में खुद बैठकर बीजेपी के पक्ष में वोट देने के लिए नोट बंटवा रहे हैं। वीडियो में साफ-साफ सुनाई दे रहा है कि योगी आदित्यनाथ के पीछे खड़ा एक शख्स नाम ले लेकर कुछ लोगों को बुला रहा है और साफ-साफ दिख रहा है कि उन्हें कुछ नोट दिये जा रहे हैं।

नोट लेकर जाने से पहले ये लोग गोरखधाम पीठ के मुख्य महंत और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के पैर छू रहे हैं और योगी उन्हें ऐसा करने से रोक भी नहीं रहे। बल्कि योगी उन्हें आशीर्वाद देते हुए दिख रहे हैं। पूरा वायरल वीडियो करीब 1 मिनट 11 सेकेंड का है, लेकिन ये वीडियो वाट्सएप के अलावा फेसबुक और ट्विटर पर तेजी से वायरल हो रहा है। कांग्रेस इस बैक नाम के फेसबुक पेज पर इस वीडियो को हजारों लाइक और शेयर मिले हैं। इस पेज पर लिखा गया है कि सभी सरकारी काम तो मोदी सरकार ने कैश लैस कर दिए हैं ! फिर ये योगी जी कौन से गैर सरकारी काम का कैश बांट रहे हैं ? कहीं ये वोट की खातिर नोट तो नहीं हैं !

अगर जो वीडियो में दिख रहा है और सोशल मीडिया पर बताया जा रहा है, सच भी यही है तो ये मामला चुनाव की आचार संहिता के उल्लंघन का है और इसीलिए ये बेहद जरूरी हो जाता है कि इस वीडियो का पूरा सच जाना जाए। वायरल हो रहे वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमारे गोरखपुर संवाददाता गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। हमें पता चला कि ये वीडियो किसी और ने नहीं बल्कि गोरखनाथ मंदिर में काम करने वाली मीडिया टीम ने ही यूट्यूब पर डाला था, लेकिन अभी नहीं करीब 7 साल पहले।

गोरखपुर मंदिर में हमें एक हैरान करने वाली बात पता चली। यहां लोग दावा कर रहे थे कि वायरल वीडियो साल 2012 का है। गोरखपुर के चिरगांव ब्लॉक के जीतपुर गांव में गरीब किसानों के खेत में आग लग गई थी। आग इतनी भीषण थी कि सब कुछ जलकर खाक हो गया। योगी आदित्यनाथ तब गोरखपुर के सांसद थे। वो गांव में किसानों का हालचाल लेने पहुंचे। छोटी जोत के किसानों को उन्होंने तब फौरी मदद के लिए रुपये बांटे थे।

गोरखनाथ मंदिर के कार्यकर्ता दावा कर रहे थे कि ये वीडियो 2012 का है और तब के सांसद योगी आदित्यनाथ गरीब किसानों की मदद कर रहे थे, लेकिन हमें ऐसे शख्स की तलाश थी जो इस घटना का चश्मदीद हो। सच या झूठ की परीक्षा में पता चला कि सोशल मीडिया पर जिस वीडियो को आचार संहिता के उल्लंघन का मामला और वोट के बदले नोट देने की कोशिश करार दिया जा रहा है, वो अब से 7 साल पुराना है और इसका इन चुनावों से कोई लेना देना नहीं है।

इसलिए सच या झूठ की परीक्षा में ये वायरल वीडियो सरासर झूठ साबित होता है।