सीएम योगी ने दी नोएडा के बिल्डरों को चेतावनी- 1.5 लाख बायर्स को घर दो, नहीं तो होगी कारवाई

लखनऊ(24 जुलाई): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रियल एस्टेट बिल्डर्स को चेतावनी दे दी है कि यदि 1.5 लाख बायर्स को जल्द फ्लैट नहीं देते तो उनके खिलाफ ऐक्शन लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय रियल एस्टेट कारोबारियों के सामने विश्वास पर खरा उतरने की बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा 'राज्य सरकार का चार माह का अनुभव है कि प्रदेश में बिल्डरों और खरीदारों के बीच में बड़ी समस्या है।' 

- मुख्यमंत्री ने यहां कनफेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डिवेलपर्स असोसिएशन्स ऑफ इंडिया (क्रेडाई) द्वारा आयोजित सम्मेलन में कहा, 'रियल एस्टेट क्षेत्र द्वारा योजनाओं को आधा-अधूरा छोड़ देना सबसे बड़ा संकट है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में यही समस्या सामने आ रही है। लगभग डेढ़ लाख खरीदारों को धनराशि अदा करने के बाद भी घर नहीं मिल पा रहा है। इससे विश्वसनीयता का संकट पैदा हो गया है। प्रदेश सरकार के प्रयास पर कुछ बिल्डरों ने सकारात्मक रुख अपनाया और आवास देने की समयसीमा तय कर दी, जबकि कुछ बिल्डर कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। संवाद से रास्ता न निकलने पर प्रदेश सरकार को सख्त कदम उठाना पड़ेगा। सरकार की अपील है कि कार्रवाई की स्थिति न उत्पन्न हो।'

- मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरी बड़ी समस्या अनधिकृत कॉलोनियों के निर्माण की है। डिवेलपर्स द्वारा बिजली, पानी, सड़क, सीवर, ड्रेनेज आदि सुविधाओं का विकास किए बगैर कॉलोनियां बना दी जाती हैं। बाद में इन कॉलोनियों का नगर निगम या विकास प्राधिकरण आदि संस्थाओं द्वारा अधिग्रहण कर इनके विकास के लिए अभियान चलाया जाता है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के लिए आने वाला व्यक्ति बीमारी का शिकार हो जाता है और दोष सरकार पर आता है कि वह कुछ नहीं कर रही है, जबकि इन अनधिकृत कॉलोनियों के विकास के लिए बड़े पैमाने पर पूंजी की आवश्यकता होती है। ऐसी स्थिति को रोके जाने की आवश्यकता है।

- योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2022 तक सभी को आवास मुहैया कराने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर प्रदेश सरकार अधिक से अधिक मकानों का निर्माण कराना चाहती है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 10 लाख आवास निर्माण का लक्ष्य है, जिसमें से 6 लाख परिवारों को चिन्हित कर धनराशि का आवंटन भी कर दिया गया है। 

- मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए राज्य सरकार ने दो लाख आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा डेढ़ लाख रुपये और राज्य सरकार द्वारा एक लाख रुपये, कुल ढाई लाख रुपए की धनराशि दी जाती है। योगी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में केंद्र सरकार के 'रेरा ' कानून को लागू कर दिया गया है। राज्य सरकार के इस फैसले में रियल एस्टेट क्षेत्र के सहयोग और समर्थन के लिए प्रसन्नता जताते हुए उन्होंने कहा कि इस कानून में ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। आगामी 26 जुलाई को इसका पोर्टल भी शुरू कर दिया जाएगा।