सरकारी बसें जलाने वाले छात्रों को सरकार ऐसे सिखाएगी सबक

लखनऊ (24 फरवरी): उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने दंगा करने और सरकार बसों को जलाने व उनमें तोडफ़ोड़ करने वाले छात्रों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। यूपीएसआरटीसी के अनुसार, इन घटनाओं में शामिल दोषी छात्रों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी।

निगम के अधिकारियों का कहना है कि अगर ऐसे छात्रों को अयोग्य करार दे दिया जाएगा। अगर आम आदमी इन गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसे भी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा। निगम के प्रबंध निदेशक ने इस बाबत राज्य के सभी जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार दि प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट का हवाला देते हुए सरकारी बसों को क्षति पहुंचाने वाले आंदोलनकारियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। प्रबंध निदेशक के. रवींद्र नायक ने प्रदेश के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को रिमाइंडर पत्र भेजकर खास निर्देश दिए हैं। जिसके तहत, बसों को नुकसान पहुंचाने वाले छात्रों को सरकारी एवं गैर-सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।