UP: अंग्रेजी से ज्यादा हिन्दी में फेल हुए छात्र

लखनऊ (16 मई): भारत के सबसे बड़े हिन्दी बेल्ट माने जाने वाले उत्तर प्रदेश में हिन्दी विषय में फेल होने वाले छात्रों की संख्या अंग्रेजी में फेल होने वाले छात्रों के मुकाबले ज्यादा है। 12वीं क्लास के आए परिणाम में हिन्दी में फेल होने वाले छात्रों का प्रतिशत 4.3 रहा वहीं अंग्रेजी में केवल 2.49 फीसदी छात्र फेल हुए। 

मिली जानकारी के अनुसार 12वीं में 11,04,726 छात्रों ने हिन्दी का एग्जाम दिया था जिसमें से 47,870 फेल हो गए। वहीं अंग्रेजी में 22,91,854 छात्रों ने एग्जाम दिया था, जिसमें 56,986 छात्र फेल हुए। उत्तर प्रदेश बोर्ड द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार छात्रों का क्षेत्रीय भाषाओं के प्रति रुझान में कमी आई है। इसका अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि मात्र 66 छात्रों ने पंजाबी भाषा को और केवल 47 छात्रों ने सिंधी भाषा को विकल्प के तौर पर चुना। इन सभी छात्र पास हो गए।

12वीं के एग्जाम में पंजाबी और सिंधी के अलावा विकल्प के तौर पर मराठी, नेपाली और उड़िया भाषा को एक-एक छात्र ने चुना। वहीं तीन ने गुजराती, चार ने तेलगु, पांच ने बंगाली, आठ ने तमित और 17 ने कन्नड़ भाषा को विकल्प के तौर पर चुना। वहीं दो भाषाओं संस्कृत और उर्दू में छात्रों की रुचि ज्यादा दिखी। 4,16,801 छात्रों ने एग्जाम के लिए वैकल्पिक विषय के रूप में संस्कृत को चुना, जिसमें 4,00,862 छात्र पास हुए। वहीं 54,895 छात्रों ने उर्दू भाषा को विकल्प के तौर पर चुना, जिसमें 53,426 छात्र सफल हुए।