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मुसलमान मिलकर बीजेपी को हराए: जमीयत उलेमा-ए-हिंद

यूपी के कैराना की लोकसभा और नूरपुर की विधानसभा सीट पर 28 मई को मतदान होगा। दोनों ही सीटें बीजेपी के पास थी, जिसे बरकरार रखने के लिए बीजेपी पूरा जोर लगाए हुए है तो विपक्ष एकजुट होकर गोरखपुर और फूलपुर की तरह उसे पटखनी देने की कोशिशों

नई दिल्ली (26 मई): यूपी के कैराना की लोकसभा और नूरपुर की विधानसभा सीट पर 28 मई को मतदान होगा। दोनों ही सीटें बीजेपी के पास थी, जिसे बरकरार रखने के लिए बीजेपी पूरा जोर लगाए हुए है तो विपक्ष एकजुट होकर गोरखपुर और फूलपुर की तरह उसे पटखनी देने की कोशिशों में जुटी हुई है। इन सबके बीच जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने भी बीजेपी को हराने के लिए मुसलमानों से अपील की है।यूपी की कैराना लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने खुलकर आरएलडी उम्मीदवार तबस्सुम हसन के पक्ष में वोट करने की अपील की है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मौलाना हसीब सिद्दीकी ने ये भी कहा है कि मोदी सरकार से पूरा देश परेशान है, लिहाजा जहां भी चुनाव हों वहां मुसलमान बीजेपी के खिलाफ वोट करे। उन्होंने विपक्षी एकता की भी तारीफ की है। उनका मानना है कि इससे बीजेपी को हराने में कामयाबी मिलेगी।कैराना में बीजेपी की मृगांका सिंह और आरएलडी की तबस्सुम हसन के बीच का मुकाबला अहम है। तबस्सुम के समर्थन में समाजवादी पार्टी, बीएसपी, कांग्रेस के साथ ही आम आदमी पार्टी भी है। यानि एक तरह से वो पूरे विपक्ष की उम्मीदवार हैं। आपको बता दें कि कैराना में 28 मई को लोकसभा उपचुनाव के लिए मतदान होगा और 31 मई को चुनाव के नतीजे आएंगे।आज चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है और उससे ठीक पहले जमीयत उलेमा-ए-हिंद की तरफ से तबस्सुम के पक्ष में की गई अपील के कई मायने निकाले जा रहे हैं। ऑल इंडिया सुन्नी उलेमा काउंसिल ने इसे बीजेपी की मदद करने वाला बयान करार दिया है। कैराना का चुनाव बीजेपी के लिए नाक की लड़ाई बनी हुई है। पश्चिमी यूपी के कद्दावर नेता और बीजेपी सांसद हुकुम सिंह के निधन की वजह से ही इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है। बीजेपी ने उन्हीं की बेटी मृगांका सिंह को यहां चुनाव के मैदान में उतारा है।गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव की तरह यहां पार्टी को मुंह की ना खानी पड़े, इसके लिए खुद सीएम योगी आदित्यनाथ पूरी ताकत झोंके हुए हैं। जबकि बीजेपी को घेरने के लिए विपक्ष एकजुट है। यही वजह है कि इस चुनाव को कर्नाटक में दिखी विपक्षी एकता का लिटमस टेस्ट माना जा रहा है।

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