VIDEO: यूपी में अस्पतालों के बाहर शो पीस बनीं एंबुलेस


इंद्रेश पांडेय, जीतेंद्र शर्मा, फिरोजाबाद (8 अगस्त):
यूपी में 102 और 108 एंबुलेंस महज दिखावा बनकर रह गई है। मरीजों को अक्सर इसकी सुविधा नहीं मिल पाती है। इसके पीछे डीजल नहीं होने की दलील दी जाती है। मरीजों की सेवा के बदले एंबुलेंस अस्पतालों के बाहर खड़ी नजर आती हैं।

पिछले दिनों मथुरा के राया कस्बा में एक गर्भवती महिला को एंबुलेंस नहीं मिलने के चलते बैलगाड़ी से स्वास्थ्य केंद्र ले जाना पड़ा था। जबकि स्वास्थ्य केंद्र पर फ्यूल नहीं होने के चलते दो एंबुलेंस खड़ी थी। मिर्जापुर में भी एंबुलेंस नहीं मिलने के चलते पिछले दिनों मरीज और उनके तीमारदारों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। समाजवादी पार्टी सरकार के समय जो 108 एंबुलेंस सेवा जोर शोर से शुरू की गई थी, वो एंबुलेंस अस्पताल के पीछे खड़ी रही। इसकी वजह उसमें किसी तरह की खराबी नहीं, बल्कि डीजल नहीं होने के चलते एंबुलेंस के पहिए थमे रहे। बताया गया कि मास्टर कार्ड से पेमेंट के लिए आई तकनीकी दिक्कत के चलते पेट्रोल पंप वालों को भुगतान नहीं हो पा रहा था। लिहाजा उन्होंने डीजल देने से मना कर दिया।

एंबुलेंस में फ्यूल डलवाने वाले मास्टर कार्ड को लेकर आई तकनीकी दिक्कत का खामियाजा किसी एक जगह पर नहीं भुगतना पड़ा। फिरोजाबाद में भी एंबुलेंस अस्पताल के बाहर खड़ी रहीं और तीमारदारों को ठेले पर मरीज को ढोने को मजबूर होना पड़ा। जिला अस्पताल के आलाधिकारी जहां मरीजों को एंबुलेंस मुहैया नहीं होने पर टालमटोल जवाब देते रहे तो एंबुलेंस इंचार्ज मास्टर कार्ड को लेकर टेक्निकल फॉल्ट का हवाला देते रहे।

हालांकि बाद में एंबुलेंस सेवा फिर से बहाल होने का दावा किया गया। लेकिन अमूमन 102 और 108 एंबुलेंस सेवा जरुरतमंदों के लिए शो पीस ही साबित हो रही हैं।

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