25 लाख कर्मचारियों को लगभग 25 हजार करोड़ बांटेगी यूपी सरकार

मानस श्रीवास्तव, लखऩऊ (18 जुलाई): केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशे लागू कर भले ही केंद्रीय कर्मचारियो औऱ सरकार के बीच विवाद के हालात पैदा कर दिए हो, लेकिन उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार अपने राज्य कर्मचारियो को खुश करने में जरा भी देर नहीं करना चाहती है। देश के बाकी राज्य अभी खामोश है, लेकिन अखिलेश सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशे लागू करने का फैसला कर लिया है औऱ इसके लिये एक कमेटी के गठन पर मुहर लगा दी है। इसके अध्यक्ष भी खुद मुख्यमंत्री ही होंगे।

अखिलेश सरकार ने अपने 25 लाख राज्य कर्मचारियों को खुश करने का फैसला कर लिया है। यह लगभग तय है कि राज्य कर्मचारियों को यह लाभ अक्टूबर से मिलना शुरु हो जायेगा।

कैस और कब तक होगा फैसला:

- निर्णय के मुताबिक सरकार चार सदस्यीय वेतन समिति गठित करेगी। - सरकार को करीब 25 हजार करोड़ का सालाना अतिरिक्त खर्च उठाना पडे़गा। - राज्य कर्मचारियों को यह लाभ अक्टूबर से मिलना शुरु हो जायेगा। - सरकार के फैसले के बाद बुजुर्ग पेशनर्स को भी भारी राहत मिलेगी। - राज्य के करीब 6 लाख पेशनर्स पेशन बढ़ने से खुश हो रहे है। - अखिलेश सरकार ने मौजूदा बजट मे इसके लिए करीब 24 हजार करोड़ का प्राविधान कर रखा था। - बाकी एक हजार करोड़ की रकम के लिए सरकार अनुपूरक बजट लाने की भी तैयारी कर रही है।

विपक्ष अखिलेश सरकार पर आरोप भी लगा रहा है कि चुनाव नजदीक आता देख सरकार आनन फानन मे कर्मचारियों को खुश करने की कोशिश मे यह दांव खेल रही है। खासतौर पर बीजेपी ने सरकार पर सीधा हमला बोल दिया है।

इधर उत्तर प्रदेश के लाखों राज्य कर्मचारी अखिलेश सरकार के फैसले से बेहद उत्साहित है। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जहां की सरकार ने कर्मचारियो के हित में सबसे पहले फैसला लिया है। जाहिर है कि चुनावी साल मे कर्मचारियो के लिए यह तोहफा उन्हे खुश करने वाला है। हालांकि सरकार को इसके लिए बड़ी रकम खर्च करनी पडे़गी, लेकिन सरकार चुनावी साल में लाखों कर्मचारियों औऱ उऩके परिवार को नाखुश करने का जोखिम नहीं उठाना चाहती है।