इस क्रिकेटर की कहानी है दर्दभरी, ऐसे लगा था इन्हें ये बड़ा सदमा

नई दिल्ली ( 25 जनवरी ):  भारतीय टीम के बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा आज अपना 29वां जन्मदिन मना रहे हैं। पुजारा भारतीय क्रिकेट टीम के टॉप प्लेयर्स में से एक हैं। कमाल की तकनीक और शांत स्वभाव उन्हें अलग पहचान दिलाती है। हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि पुजारा ने यहां तक पहुंचने के लिए कितना संघर्ष किया है।

25 जनवरी 1988 को राजकोट में जन्मे के करियर में उनकी मां रीना का बड़ा योगदान रहा है। लेकिन वो पुजारा की कामयाबी नहीं देख पाईं।

पुजारा 2005 में अंडर-19 का मैच खेलने निकले थे तब उन्होंने अपनी मां से फोन पर बात की। उन्होंने ने मां से कहा कि वे पिता को बोल दें कि वे बस मैच के लिए निकल रहे हैं, और जब लौटें तो पिता उन्हें लेने आ जाएं।

अगले दिन जब पुजारा मैच के लिए स्टेडियम पहुंचे उनकी मां की मौत की खबर आई। ये 17 साल के पुजारा के लिए बहुत बड़ा सदमा था। पुजारा की मां की कैंसर से मौत के बाद उन्होंने क्रिकेट को मां के सपने की तरह जिया और ठीक 5 साल बाद अपने परफॉर्मेंस के दम पर उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया