कश्मीर-कश्मीर कर रहे PAK पत्रकारों की भारतीय राजदूत ने ऐसे बंद की बोलती, देखिए वीडियो

UNSC

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (17 अगस्त): कहते हैं चोर चोरी से जाये हेरा फेरी से न जाये। ऐसा ही कुछ आलम हमारे पड़ोसी पाकिस्तान का है।  हर मोर्चे पर भारत से पिटने वाला पाकिस्तान सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। वह भारत के खिलाफ लगातार साजिशें करता रहता है। इसी कड़ी में शुक्रवार को उसे एकबार फिर दुनिया के सामने बेइज्जत होना पड़ा। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC की बैठक में कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान ही नहीं चीन को भी मुंह की खानी पड़ी। बैठक में शामिल किसी भी देश ने दोनों का साथ नहीं दिया। UNSC ने जहां उल्टा कश्मीर में हालात सामान्य करने के भारतीय प्रयासों की सराहना की। 'बंद कमरे' की इस बैठक के बाहर भी भारतीय कूटनीति हावी रही। UNSC में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने अपनी हाजिरजवाबी, तथ्यों और कूटनीतिक जवाबों से पाकिस्तानी पत्रकारों को निरुत्तर कर दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाक पत्रकारों ने अनुच्छेद 370 पर भी भारतीय राजनयिक को घेरने की कोशिश की पर नाकाम रहे। अकबरुद्दीन ने एक-एक कर सभी के प्रश्नों का सटीक जवाब देकर उन्हें चुप करा दिया। उन्होंने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाने का फैसला पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है। उन्होंने सबसे पहले पाकिस्तान के तीन पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए और इस दौरान वह बेहद आत्मविश्वास में दिखे। उन्होंने कहा कि आप लोगों के मन में कोई संदेह नहीं रहना चाहिए क्योंकि मैं तीनों पाक पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहा हूं। जैसे ही पाकिस्तान के आखिरी पत्रकार ने उनसे सवाल पूछा कि नई दिल्ली, इस्लामाबाद से कब वार्ता करेगा, तो अकबरुद्दीन ने पोडियम से आगे जाकर बेहद आत्मविश्वास के साथ बोला, 'चलिए, मुझे इसकी शुरुआत सबसे पहले आपसे रू-ब-रू होकर करने दीजिए। हाथ मिलाने दीजिए।' उन्होंने एक-एक कर तीनों पत्रकारों से हाथ मिलाया और इस दौरान वहां पत्रकारों की हंसी भी सुनाई दी।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने दुनियाभर के मीडिया के सामने भारत का पक्ष मजबूती से रखा। सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, ‘हमारी राष्ट्रीय स्थिति यही थी और यही रहेगी कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है।’ उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पर लिए गए भारत के इस फैसले पर बाहरी अन्य देशों को कोई मतलब नहीं होना चाहिए। सैयद अकबरुद्दीन ने आगे कहा कि, पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में जेहाद के नाम पर हिंसा फैला रहा है। अकबरुद्दीन ने कहा कि सभी मसले बातचीत से सुलझाए जाएंगे। हिंसा किसी भी मसले का हल नहीं है। साथ ही अकबरुद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद फैलाना बंद करना होगा। अकबरुद्दीन ने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर सभी मसले हम बातचीत से सुलझाए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि हिंसा किसी भी मसले का हल नहीं है, पाकिस्तान को आतंकवाद फैलाना खत्म करना होगा। इस दौरान एक दिलचस्प वाकया भी देखने को मिला।

अकबरुद्दीन ने आगे कहा कि भारत, जम्मू कश्मीर में शांति बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि, 'हमारा बहुत पहले से यह मत है कि जम्मू कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है और अनुच्छे 370 भारतीय संविधान से जुड़ा है। हाल ही में भारत सरकार और हमारी लेजिस्लेटिव बॉडीज द्वारा लिया गया फैसला गुड गवर्नैंस प्रमोट करने के लिए लिया गया है। जम्मू कश्मीर और लद्दाख के सामाजिक और आर्थिक विकास के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है।' साथ ही उन्होंने कहा कि 'मैं लोकतांत्रिक भारत का प्रतिनिधि हूं। हमको गर्व है कि हम एक लोकतांत्रिक देश के प्रतिनिधि हैं, जो खुलेआम अपनी राय बताते हैं। अपनी राय को अंतरराष्ट्रीय जामा पहनाने का काम लोकतांत्रिक देश नहीं करते हैं। आपने देखा कि सुरक्षा परिषद में हमने अपना पक्ष रखा।'