VIDEO: उन्नाव रेप केस: जिला अस्पताल के सीएमओ, सीएमएस और जेल प्रशासन पर उठे सवाल

नई दिल्ली ( 11 अप्रैल ): उन्नाव रेप मामले में पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में जिला अस्पताल और यहां के सीएमओ और सीएमएस पर बड़े सवाल उठ खड़े हुए हैं। जेल प्रशासन भी सवालों के घेरे में है। 

जरा सोचिए जिस शख्स के शरीर पर गंभीर पिटाई के निशान हों। जगह-जगह से खून बह रहा हो...हाल-बेहाल हो। शरीर पर गहरी चोट के निशान साफ-साफ दिख रहे हों..भला उसे जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने जेल कैसे जाने दिया जबकि नियम के मुताबिक इलाज पूरी होने के बाद ही किसी जख्मी शख्स को जेल जाने देने की इजाजत दी जा सकती है। इस पर हमने सीएमओ एसपी चौधरी से जवाब मांगा..तो उन्होंने गेंद सीएमएस डॉक्टर द्विवेदी के पाले में डाल दी। 

इसके बाद न्यूज़ 24 ने सीएमएस से बात की। लेकिन सीएमएस ने डॉक्टर द्विवेदी कहा नोडल ऑफिसर सीएमओ थे..ये उनके जिम्मे था..या फिर  EMO यानी Emergency medical officer जानें। 

हम ये सुनकर हैरान रह गएकि इतने बड़े मामले पर जिम्मेदारी का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने की कोशिश हो रही थी। इस पूरे मामले पर फिर हमने उन्नाव की एसपी पुष्पांजलि से जवाब हासिल करने की कोशिश की, क्योंकि सवाल अनसुलझे थे। लेकिन वो कैमरे से पीछा छुड़ाती नजर आईं बचकर निकल गईं।