क्रिकेट के अनोखे नियम जो आप नहीं जानते होंगे

नई दिल्ली (8 फरवरी): पूरी दुनिया में लोगों का क्रिकेट के प्रति दीवानगी किसी से छिपी नहीं है। दीवानगी का ये आलम ऐसा है कि बच्चे भी इसके नियम जानते हैं। लेकिन कुछ नियम ऐसे भी हैं जिनसे लोगों का आमना-सामना बहुत कम होता है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ नियमों के बारे में...

जब गेंद खो जाती है तो... जब गेंद खो जाती है और वापस ना मिलने पर फील्डिंग टीम ‘गेंद खोने’ की अपील करती है। नियमों के अनुसार, उस गेंद को मरा हुआ घोषित कर दिया जाता है और उसे बदल दिया जाता है। इसके बाद उसी खोई हुई गेंद की हालात की दूसरी गेंद से खेल शुरू होता है। गेंद खोने की स्थिती में बल्लेबाज को रन मिलते हैं, चाहे वो रन वो बाउंड्री मार कर लिए हों या फिर दौड़ कर।

बिना अपील आउट ना देना किसी भी बल्लेबाज के आउट होने पर अंपायर उस समय तक आउट करार नहीं दे सकता जब तक फील्डिंग वाली टीम की तरफ से अपील न किया जाए। क्रिकेट के 27वें नियम के अनुसार अगर कोई बल्लेबाज खुद ही पवेलियन की तरफ चल देता है तो अंपायर उसे रोक कर वापस बुलाता है और उस गेंद को डेड बॉल मान लिया जाता है। हालांकि फील्डिंग पक्ष दूसरी गेंद फेंके जाने से पहले कभी भी अपील कर सकती है।

मांकडिंग इस नियम के अनुसार नॉन-स्ट्राइक पर खड़ा बल्लेबाज गेंदबाज के गेंद फेंकने से पहले क्रीज़ से बाहर चला जाए तो गेंदबाज उसे विकेट उड़ा कर आउट कर सकता है। इसे मेनकडिंग कहा जाता है। इसका पहली बार इस्तेमाल 1947 में हुआ, जब भारतीय गेंदबाज वीनू मांकड़ ने ऑस्ट्रेलिया के बिल ब्राउन को आउट किया था। हालांकि यह विकेट गेंदबाज के खाते में नहीं जुड़ता है।

चोटिल खिलाड़ी की सीमाएं हम सभी को पता है की जब कोई खिलाड़ी मैदान छोड़ता है तो कुछ नियम होता है। फील्डर को अंपायर से अनुमति लेनी होती है और मैदान छोड़ने से पहले उन्हें बताना होता है।

अगर कोई खिलाड़ी अंपायर को नहीं बताता है, तो बल्लेबाजी करने वाली टीम को 5 अतिरिक्त रन दिये जाते है। हालांकि, इसमें कुछ ओर भी नियम है, अगर गेंदबाज 15 मिनट से ज्यादा मैदान से बाहर रहता है, या वो उतने समय तक गेंदबाजी नहीं कर पाते है। पारी खत्म होने के बाद यह काफी जटिल नियम बन जाता है।

इसका इस्तेमाल 2007 में भारत और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच में किया गया था, जहां सचिन तेंदुलकर पहली पारी में 18 मिनट तक मैदान से बाहर थे। भारत ने 2 विकेट जल्दी खो दिये थे और तेंदुलकर को बल्लेबाजी के लिए जाना था पर वो 18 मिनट तक नहीं जा पाये थे।