62 देशों से ज्यादा पानी की खपत करते हैं ये 5 देश, ये हैं पानी के रोचक तथ्य

नई दिल्ली (22 मार्च): पूरी दुनिया में 22 मार्च को 'वर्ल्ड वाटर डे' मनाया गया। लेकिन क्या आपको पता है कि इस दिन को कब से मनाया जा रहा है। दरअसल, यूएनओ ने 1992 में रियोडिजेनेरियो के इंटरनेशनल एन्वायरमेंट समिट में 22 मार्च को वर्ल्ड वाटर डे के रूप में मनाने का फैसला लिया था। तब से हर साल इस दिन को 'वर्ल्ड वाटर डे' के रूप में मनाया जाता है।

इस अवसर पर हम बता रहे हैं दुनिया की पानी की खपत के दिलचस्प आंकड़े...

> चीन अकेले हर साल लक्जमबर्ग से 2300 गुणा ज्यादा पानी यूज करता है। लक्जमबर्ग पश्चिम यूरोप का एक देश है।  > अमेरिका एक साल में इतने पानी की खपत कर लेता है जितने में 32.9 करोड़ ओलिंपिक के स्विमिंग पूल भरे जा सकते हैं। > ब्राजील में एक साल में इतने पानी की खपत होती है जिसमें नियाग्रा फॉल चार साल तक बह सकता है। बता दें कि नियाग्रा फॉल न्यूयॉर्क और कनाडा के ओंटारियो प्रांतों के बीच सीमा पर बहने वाली नियाग्रा नदी पर स्थित है। यह दुनिया का सबसे ऊचा जलप्रपात है। > फ्रांस एक साल में इतने पानी की खपत कर लेता है जितने में शैंपेन की 141 ट्रिलियन बोतल भरी जा सकती हैं। > पूरी दुनिया में एक साल में जितनी पानी की खपत होती है अगर उस पानी को एक-एक स्क्वायर मीटर के बर्फ के टूकड़ों में बदल दिया जाए और सभी को एक के ऊपर एक रख दिया जाए तो यह 11 बार धरती से चांद का चक्कर लगाने के बारबर होगा।    > पूरी दुनिया में एक साल में खपत किए जाने वाले पानी की मात्रा दुनिया की सबसे लंबी नदी अमेजन द्वारा डिस्चार्ज की जाने वाली पानी से भी ज्यादा है। बता दें कि पानी के हिसाब (वॉल्यूम) से अमेजन दुनिया की सबसे लंबी नदी है। इसकी लंबाई करीब 6,400 किलोमीटर है। > अगर पांच देशों (भारत, चीन, अमेरिका, ब्राजील और रूस) के पानी की खपत को मिला दिया जाए तो ये दुनिया के 62 देशों के खपत से भी ज्यादा है।