गरीबों के लिए आएगी कर्जमाफी की बंपर योजना, छोटे कर्जदारों को मिलेगा लाभ

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (14 मई): भारत ने सूक्ष्म उद्यमों, छोटे किसानों और कारीगरों के उद्देश्य से छोटे उधारकर्ताओं के लिए एक सार्वभौमिक ऋण राहत योजना पर काम करना शुरू कर दिया है, जो कि अगली सरकार के गठन होने पर लागू होने के लिए तैयार होना चाहिए। इस कर्जमाफी योजना का लाभार्थी तय करने के लिए एक खास आय और एसेट की सीमा तय की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक इसके लिए सालाना 60,000 रुपये की आय, 35 हजार रुपये या उससे कम के बकाया कर्ज और 20,000 रुपये या उससे कम के एसेट को आधार बनाया जा सकता है। कॉरपोरेट मामलों के सचिव आई श्रीनिवास ने अखबार को बताया, 'यह अच्छी तरह से तैयार कर्जमाफी योजना होगी, जिसमें छोटे किसानों, शिल्पकारों, छोटे कारोबारियों और अन्य व्यक्तियों के कर्ज को शामिल किया जाएगा।'

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) द्वारा तैयार की जा रही यह योजना लाने के लिए इन्सॉल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड (IBC) के कई फीचर में भी बदलाव किए जाएंगे। इस योजना पर सालाना करीब 20 हजार करोड़ रुपये या उससे ज्यादा खर्च हो सकते हैं। लेकिन इससे लाखों लोगों को फायदा हो सकता है। यह रकम यह देखते हुए ज्यादा नहीं कही जा सकती है कि एक साल में एक-एक कंपनी के ऐसे हजारों करोड़ रुपये के कर्ज माफ करने पड़ते हैं। गौरतलब है कि अभी छोटे कर्जधारकों को ऐसी कोई राहत नहीं दी जाती और इसके लिए पर्सनल इनसॉल्वेंसी चैप्टर में कुछ बदलाव की जरूरत होगी।

कॉरपोरेट मंत्रालय को पूरा भरोसा है कि अगली एक तिमाही में इस योजना को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इस तरह यह योजना अगली सरकार के सामने लागू करने के लिए तैयार रहेगी। यह इन्सॉल्वेंसी और बैंकरप्शी बोर्ड ऑफ इंडिया (IBBI) में एक ऑनलाइन प्रणाली हो सकती है जिसमें आवेदनों पर विचार करने के लिए एक पूरी अलग टीम होगी। सिर्फ इस तरह की कर्जमाफी के लिए एक अलग सेल बनाया जा सकता है।

नए सिरे से जीवन शुरू करने का मौका

इसमें कर्जमाफी के लिए आवेदन करने वालों को नए सिरे से अपना जीवन शुरू करने का मौका मिलेगा। जो लोग यह साबित कर देंगे कि उनकी आय और एसेट निर्धारित सीमा के भीतर है, उनका कर्ज माफ हो जाएगा और वे आगे अपना जीवन नए सिरे से शुरू कर पाएंगे। उनके क्रेडिट हिस्ट्री का भी बचाव किया जाएगा।

गौरतलब है कि इसके पहले देश में किसानों की कर्जमाफी की कई योजनाएं चल रही हैं। संकट में फंसने वाले कॉरपोरेट की कर्जमाफी या कर्ज लौटाने में सहूलियत जैसी सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन आम लोगों के लिए ऐसी कोई योजना नहीं है।