संविधान संशोधन के लिये नेपाल के तीनों बड़े दलों में एकता जरूरी

नई दिल्ली (7 अक्टूबर): नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और मुख्य विपक्षी दल सीपीएन-यूएमएल के वरिष्ठ नेता झाला नाथ खनल ने आज कहा कि संविधान को सार्थक तरीके से लागू करना सुनिश्चित करने के लिए तीन बड़े राजनीतिक दलों के बीच एकजुटता के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।

विजय दशमी और दीपावली पर्व के अवसर पर नेपाल बौद्धिक परिषद की भक्तपुर जिला कार्यकारी समिति द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में खनल ने कहा कि संविधान के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए समय की पहली मांग को केवल दो बड़े गठबंधन भागीदारों,  नेपाली कांग्रेस और सीपीएम माओइस्ट सेंटर के जरिये ही पूरा नहीं किया जा सकता।

उन्होंने गठबंधन सरकार में दो पार्टियों पर सीपीएन-यूएमएल की भूमिका की अवहेलना करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्य विपक्षी दल सीपीएनेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और मुख्य विपक्षी दल सीपीएन-यूएमएल के वरिष्ठ नेता झाला नाथ खनल ने आज कहा कि संविधान को सार्थक तरीके से लागू करना सुनिश्चित करने के लिए तीन बड़े राजनीतिक दलों के बीच एकजुटता के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।

विजय दशमी और दीपावली पर्व के अवसर पर नेपाल बौद्धिक परिषद की भक्तपुर जिला कार्यकारी समिति द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में खनल ने कहा कि संविधान के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए समय की पहली मांग को केवल दो बड़े गठबंधन भागीदारों, नेपाली कांग्रेस और सीपीएम माओइस्ट सेंटर के जरिये ही पूरा नहीं किया जा सकता।

उन्होंने गठबंधन सरकार में दो पार्टियों पर सीपीएन- यूएमएल की भूमिका की अवहेलना करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्य विपक्षी दल सीपीएन- यूएमएल की भूमिका की संविधान कार्यान्वयन प्रक्रिया में उपेक्षा की जा रही है और यह रवैया देश को संकट में डाल सकता है।यूएमएल की भूमिका की संविधान कार्यान्वयन प्रक्रिया में उपेक्षा की जा रही है और यह रवैया देश को संकट में डाल सकता है।