दिल्ली पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो, आतंकवाद और ईरान से ऑयल डील समेत कई मुद्दों पर होगी बात

Mike Pompeo

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (26 जून): अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो देर रात दिल्ली पहुंचे। अमेरिकी विदेशी पोम्पियो आज भारतीय विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान ईरान से तेल निर्यात, भारत रूस के बीच एस-400 समझौते, व्यापार, पाकिस्तान से आतंकवाद को बढ़ावा और एशिया प्रशांत क्षेत्र में ट्रंप की महत्वाकांक्षी योजना समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी। पोम्पियो इस दौरान भारत अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव, अमेरिका की भारत से भविष्य के जुड़े हित और अमेरिका के राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर भारत के समक्ष दोस्ती का हाथ बढ़ाएंगे। बताया जा रहा है कि पोम्पियो अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव के बीच सहयोग, साझेदारी और सद्भावना का संदेश लेकर भारत पहुंचे हैं।

आपको बता दें कि पीएम मोदी के दूसरी बार सत्ता में आने के बाद ट्रंप प्रशासन के किसी अधिकारी का यह पहला भारत दौरा है। मोदी इसके बाद ओसाका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिल सकते हैं।  माइक पोम्पियो के भारत दौरे के लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा बै कि हमारी मुलाकात सकारात्मक रुख के साथ होने जा रही है। हम व्यापार के मसले पर चर्चा करेंगे और साझे हित के बिंदुओं को तलाशने का प्रयास करेंगे। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच के रिश्तों को मज़बूत करने की कोशिश की जाएगी। इस दौरान चरमपंथ, व्यापार के अलावा पाकिस्तान, चीन समेत कई मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है। इसके साथ ही जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ पीएम मोदी की मुलाकात के पहले पोम्पियो के इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है।Mike Pompeoगौरतलब है कि माइक पोम्पियो ऐसे वक्त पर भारत आए हैं जब ट्रेड वॉर को लेकर भारत और अमेरिका के बीच तनाव चल रहा है। इसके अलावा, ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की नौबत आ गई है। हालांकि, पोम्पियो की ये भारत यात्रा पहले से तय थी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मोर्गन ओर्तागस ने 13 जून को अपने एक बयान में कहा था कि पोम्पिओ की हिंद-प्रशांत के चार देशों की यात्रा का मकसद अमेरिका की महत्वपूर्ण देशों के साथ साझेदारियों को और मजबूत करना है ताकि मुक्त और निर्बाध हिंद-प्रशांत के साझा लक्ष्य को पाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।