चीन के तेवर हुए ढीले, अब नहीं बच पाएंगे पाकिस्तान और आतंकी अजहर

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (1 मई ): पाकिस्तान और उसके आंतकी मसूद अजहर की मुश्किलें बढ़ने वाली है। संयुक्त राष्ट्र संघ में आज आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित हो सकता है। भारत पिछले लंबे समय से इस कोशिश में जुटा हुआ था, लेकिन चीन अपने वीटो पावर का इस्तेमाल कर टांग अड़ा रहा था। अब चीन भी इस पर राजी हो गया है और अपना वीटो पावर हटाने को तैयार है। अमेरिका, यूके और फ्रांस की तरफ से संयुक्त रूप से प्रस्ताव पेश किया गया था, जिसके बाद चीन पर खासा दबाव था। भारत एक दशक से कोशिश कर रहा था कि मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किया जाए। लेकिन, चीन चार बार अड़ंगा लगा चुका था। अब जब पुलवामा आतंकी हमला हुआ, तो भारत ने और भी दबाव बनाया।आपको मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किये जाने वाले प्रस्ताव पर चीन ने मार्च में चौथी बार रोक लगा दी थी। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकी हमले में जैश का नाम सामने आने के बाद फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन ने यह प्रस्ताव दिया था। हालांकि अब इस मसले पर एक तरह से झुकते हुए चीन ने कहा कि इसका सही हल निकाला जाएगा। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, 'मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि मेरा विश्वास है कि इसका सही ढंग से समाधान निकाला जाएगा।'फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन की ओर से मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के प्रस्ताव पर अपने विरोध को वापस लेने की खबरों से जुड़े सवाल को लेकर चीन ने यह बात कही। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति के तहत यह प्रस्ताव लाया गया था। इस बार चीन के अड़ंगे के बाद अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने उस पर दवाब बनाया है औ इस मसले पर अन्य विकल्पों पर विचार करने की बात कही थी।चीन ने इसे लेकर अब नरमी दिखाते हुए कहा है, 'हम इस मसले पर कई बार अपनी पोजिशन बता चुके हैं।' चीन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गेंग शुआंग ने कहा, 'मैं सिर्फ दो बिंदुओं पर जोर देना चाहता हूं। पहला यह कि इस पर अधिकतम सदस्यों की सहमति और संवाद के साथ ही आगे बढ़ा जा सकता है।' दूसरा, इस मसले को लेकर बातचीत चल रही है और कुछ प्रगति हुई है। हमें विश्वास है कि सभी पक्षों की सहमति से इस पर आगे बढ़ा जा सकता है।